रायगढ़. राजनीतिक रसूख के दम पर दो महिलाओं की हत्या करने के आरोपी पूर्व विधायक ब्रिजराजनगर ओडिसा अनूप साय को रायगढ़ के कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा दी है इसके अलावा साक्ष्य छुपाने के मामले में भी 7 साल की सजा दी है। मामला 6 मई 2016 के है। उस समय रायगढ़ के पास संबलपुरी में दो महिलाओं की लाश मिली थी।
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इस मामले में आज पंचम अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश जगदल्ला ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद आरोपी अनूप साय को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए उनके ड्राईवर वर्धन टोप्पो को सबूतों के आधार पर बरी कर दिया।
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6 मई को मिली दोनों लाशों की पहचान ब्रिजराजनगर निवासी कल्पना दास और उसकी बेटी बबली दास के रूप में हुई थी। बाद में इसका संबंध ब्रिजराजनगर के तत्कालीन पूर्व विधायक अनूप साय के साथ पाई गई थी। बाद में 13 फरवरी 2020 को तत्कालीन एसपी रायगढ़ संतोष सिंह के समय अनूप साय की गिरफ्तारी ओडिसा से हुई थी। दो साल बाद लगातार जिरह बहस के बाद और लगभग 60 लोगों के बयान होने के बाद आज यह फैसला आया।
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इस मामले के एक आरोपी वर्धन टोप्पो जो मामले का ड्राइवर था उसे बाइज्जत बरी कर दिया गया। उसके वकील रायगढ़ के आशीष शर्मा थे। उसके मामले में साक्ष्यों के अभाव होने के कारण उसका लाभ उसे मिला।
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इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड को लेकर ओडिसा व छत्तीसगढ़ पुलिस के बीच करीब दो साल तक काफी खींचतान भी रही थी और आखिरकार जब पूर्व विधायक अनूप साय तथा उसके साथ वर्धन टोप्पों को हत्याओं की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था तब राजनीतिक हल्कों में हडकंप मच गया था और उसी समय बीजू जनता दल सरकार से अनूप साय को निष्काषित कर सभी पदों से हटाने के आदेश जारी किये थे।









