अचानकमार टाइगर रिजर्व में भीषण गर्मी और वनकर्मियों की हड़ताल के बीच जंगल में आग लगने की वजह से हाथियों का दल छपरवा रेंज के मैकू मठ के करीब पहुंच गया है। इसके चलते आसपास के लोगों को हाथियों से खतरे की आशंका है। बताया जा रहा है कि हाथियों का दल यहां पिछले पांच दिनों से डेरा डाल दिया है। इन्ही हाथियों के दल से दो दंतैल हाथी अलग होकर मरवाही डिवीजन में घूम रहे हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले महुआ बिनने गई बच्ची को कुचल दिया था और महिला पर भी हमला कर दिया था।
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वनकर्मियों की हड़ताल का खासा असर जंगल में देखने को मिल रहा है। जंगल में आगजनी की घटनाएं बढ़ गई है और वन्यप्राणियों पर भी हड़ताल का असर दिख रहा है। वन्यप्राणियों का मूवमेंट भी तेजी से बदल रहा है। करीब एक महीने से सुरही रेंज के बांस के जंगल में घूम रहे 18 हाथियों का दल यहां आग लगने के बाद अपनी जगह बदल कर अचानकमार के दूसरे रेंज में पहुंच गए हैं।
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हाथियों का दल अब छपरवा रेंज के मैकूमठ के नजदीक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले हाथियों का दल अचानकमार मुख्य मार्ग को पार किया था। इसके बाद वापस आकर नदी के तरफ करीब आठ किलोमीटर अंदर टाटीपत्ता क्षेत्र की तरफ घूम रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले जब यह दल सुरही से छपरवा की तरफ बढ़ रहा था तब रास्ते में चीतलों के घास तैयार करने के लिए लगाए गए जाली के फेंसिंग तार को तोड़ दिया था। हाथियों का यह दल अभी अचानकमार टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में ही घूम रहा है। माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में भोजन और पानी उपलब्ध होने के कारण हाथियों ने डेरा डाल दिया है।
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बताया जा रहा है कि हाथियों के इस दल के साथ 4 शावक भी हैं इसलिए ये दल ज्यादा इधर-उधर नहीं हो रहा है। शावकों की सुरक्षा की दृष्टि से सभी सुरक्षित स्थान में जमे हुए हुए हैं। मैकू मठ तक इनके चिंघाड़ने की आवाज भी सुनाई देती है। लेकिन, हाथियों के इस दल के कारण आसपास के ग्रामीणों को खतरा है।
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हाथियों के इस दल से अलग हो कर दो दंतैल मरवाही वन मंडल में घूम रहे हैं। बताया जा रहा है कि पहले ये इसी दल में थे। सभी कान्हा नेशनल पार्क की ओर से अचानकमार की तरफ आए हैं। इसके बाद दोनों दंतैल हाथी मरवाही डिवीजन की तरफ चले गए। हाल ही में महुआ बीनने जंगल पहुंची बच्ची को उन्होंने मार दिया था। इसके अलावा एक महिला को भी उन्होंने मारा है।









