रायगढ़। जिला मुख्यालय में दिव्यांग बच्चों की देखरेख करने वाली एक संस्था पर बच्चों को पेड़ से बांधकर यातना देने का आरोप है। इसकी शिकायत कलेक्टर रायगढ़ से भी की गई है। कलेक्टर ने महिला बाल विकास अधिकारी टीके जाटवर के नेतृत्व में जांच समिति बना दी है।
जनदर्शन में छह जून को किये गए शिकायत में यह कहा गया है कि घरौंदा नामक संस्था में जहां ऐसे बच्चों की देखरेख की जाती है जो शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर हैं, एक बच्चे को पेड़ से बांधा गया है। इसकी फोटो भी मीडिया को भेजी गई है। शिकायत में संस्था पर बाल अधिकारों का हनन करने तथा यातना देने की बात कही गयी है। अब फोटो से यह साफ नहीं है कि इसे कोई खास समय में बांधा गया है या बांधकर रखा हुआ है।
शिकायत मिलते ही कलेक्टर रायगढ़ भीम सिंह ने एक्शन लेते हुए एक जांच समिति का गठन कर दिया जिसमें महिला बल विकास अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी समेत पांच सदस्य हैं। इस टीम के अध्यक्ष महिला बाल विकास अधिकारी पीके जाटवर ने बताया कि समिति का गठन दो दिन पूर्व हुआ है हम आज जांच करने मौके पर जाने वाले हैं। जांच के बाद कि सही स्थिति का पता चल पाएगा। बताया जाता है कि बधाा मानसिक रूप से कमजोर है। किसी खास परिस्थिति में उसे बांधकर रखा जाता है लेकिन इस तरह से पेड़ से बांधने को कई लोग गलत बता रहे हैं। हालांकि अब जांच के बाद ही वह परिस्थितियां सामने आ पाएगी कि उसे क्यों बांधा गया था।









