रायगढ़ । शहरी अतिक्रमण के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी अतिक्रमण की बाढ़ आई हुई है। लोग धड़ल्ले से अतिक्रमण कर रहे हैं और शिकायत होने के बाद भी उस पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। ऐसे में यदि प्रकरण विशेष में लिखित आपत्ति के बाद भी कार्यवाही ना हो रही हो तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि छपी खबरों पर कितना संज्ञान लिया जाता होगा।
मामला रायगढ़ से सटे हुए ग्राम पटेलपाली का है जहां पर पटवारी कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर एक कथित नेताजी के आशीर्वाद से दीनबंधु पटेल नामक व्यक्ति द्वारा लगभग 2500 वर्ग फुट जमीन पर पक्का मकान बनाकर किए जा रहे अतिक्रमण के खिलाफ नागरिक राजेश अग्रवाल द्वारा बकायदा तहसील कार्यालय रायगढ़ में न केवल लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। बल्कि एक प्रकरण भी दाखिल किया गया है जिसमें धारा 248 के अंतर्गत उक्त निर्माणाधीन मकान को ध्वस्त करने की प्रार्थना की गई है परंतु जैसा कि हमेशा से होता आया है शासकीय कार्यालयों में अपना ही एक नियम कानून होता है।
जिसके तहत मामलों को लंबित किया जाता है ताकि अतिक्रमण कारी पूरी तरह से अतिक्रमण कर उसमें काबिज हो सके और उसके बाद मामला न्यायालयीन प्रक्रिया में उलझ कर रह जाए। यहां भी यही हो रहा है विगत 10-12 दिन से चल रहे इस प्रकरण में केवल पटवारी से मौका जांच रिपोर्ट मांगे जाने का आदेश जारी कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। एक तरफ शासकीय कार्यालयों और शासकीय भवनों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है वहीं दूसरी ओर शासन के निर्देशों के अनुसार रिक्त पड़ी शासकीय भूमियों को नीलामी के द्वारा विक्रय किया जा रहा है। तीसरी ओर कीमती भूखंडों पर लोगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। आखिर इस प्रकार के अतिक्रमणकारियों पर कब लगाम लगेगी।









