रिमझिम फुहारों के बीच जेएसपी में लहराया तिरंगा, हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ, संयंत्र प्रमुख आर.के. अजमेरिया ने किया ध्वजारोहण

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रायगढ़। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ जिंदल स्टील एंड पॉवर के रायगढ़ संयंत्र में हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी। संयंत्र प्रमुख  रमेश कुमार अजमेरिया ने बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर सुरक्षा गार्ड की सलामी ली। उन्होंने कंपनी के चेयरमैन नवीन जिंदल का संदेश भी जेएसपी परिवार के सदस्यों को सुनाया।

 

जिंदल स्टील एंड पॉवर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह परिसर स्थित पोलो ग्राउंड में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रायगढ़ संयंत्र प्रमुख आर.के. अजमेरिया ने सबसे पहले ध्वजारोहण किया। फिर संयंत्र के सुरक्षा गार्ड के परेड की सलामी ली। अपने संबोधन में उन्होंने सबसे पहले देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले सभी सेनानियों और वीर शहीदों को नमन किया। फिर उन्होंने कंपनी के चेयरमैन नवीन जिंदल का संदेश पढ़कर सुनाया। अपने संदेश में श्री जिंदल ने हर घर तिरंगा अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि आजादी की यह 75वीं वर्षगांठ सपने के सच होने जैसी है।

 

1992 से मैंने देश के हर नागरिक को सम्मान के साथ तिरंगा फहराने का अधिकार दिलाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। 23 जनवरी 2004 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने नागरिकों को यह अधिकार प्रदान किया। मैं पिछले तीन दशकों से अपने सपने को साकार करने के लिए प्रयासरत हूं कि हर भारतीय अपने घर, दफ्तर पर गर्व के साथ तिरंगा फहराए। इसलिए हमने 2005 में फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया की स्थापना की। हम अभी तक देश भर में लगभग 100 विशालकाय ध्वज लगा चुके हैं। अब अनेक संस्थाएं आगे आ रही हैं और 600 से अधिक विशालकाय ध्वज अभी तक देश में फहराए जा चुके हैं। यह अपने-आप में एक रिकॉर्ड है क्योंकि दुनिया के किसी भी देश में इतने झंडे नहीं लगाए गए हैं। श्री जिंदल ने फ्लैग कोड आॅफ इंडिया में संशोधन के लिए केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि अब हम खादी के अलावा पॉलिस्टर का झंडा भी दिनकृरात फहरा सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि हर घर तिरंगाकृहर दिन तिरंगा से प्रेरणा लेकर भारतवासी नया इतिहास लिखेंगे।

 

श्री जिंदल ने अपने संदेश में कहा कि जेएसपी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना पूरा योगदान दे रहा है। समूह के रायगढ़ के साथ ही अंगुल, पतरातू, बड़बिल, रायपुर सभी संयंत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। एसएसडी की टीम ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। साथ ही टेन्सा और कासिया आयरन ओर माइन्स का प्रदर्शन भी सराहनीय है। वर्ष 2030 तक समूह का लक्ष्य 50 मिलियन टन सालाना स्टील उत्पादन का है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि जेएसपी के सामाजिक मिशन के अनुसार श्रीमती शालू जिंदल के नेतृत्व में जेएसपीएल फाउंडेशन 25 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयासरत है। अनाथ बच्चों की परवरिश के लिए तमनार में जिंदल चिल्ड्रन होम शुरू किया गया है। यहां फिलहाल 85 बच्चों की देखभाल की जा रही है। दिल्ली में भी प्रयास के तहत 100 बच्चों की परवरिश में सहयोग किया जा रहा है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 600 से अधिक बुजुर्गों के रहने, भोजन और इलाज की भी व्यवस्था जेएसपीएल फाउंडेशन ने की है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कमजोर आय वर्ग की 508 बालिकाओं की शिक्षा की व्यवस्था करने के लिए जिंदल स्वयं संपन्न नारी योजना शुरू की गई है।

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Author: samachardoot

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