सरकारी स्कूल के बच्चे बने मजबूर, अधिकारी को नही है खबर, जिम्मेदार शिक्षक सवालों से बचते नजर आए, इस सरकारी स्कूल का मामला……….पढ़िये पूरी खबर

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अंबिकापुर। छतीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट विकास खंड में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ जनपद मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्राथमिक शाला स्कूल दातीढाब में स्कूल में पढ़ने वाले नौनिहालों को राजमिस्त्री के तौर पर श्रमिक कार्य लेते हुए बकायदा लेबर, कुली बनाकर स्कूल परिसर का कार्य कराया जा रहा है।

 

लगातार बच्चों को दिहाड़ी मजदूर व राजमिस्त्री बनाकर काम करवाने के मामले में सबसे अहम बात यह है कि यहां की शासकीय प्राथमिक स्कूल के जीर्णोद्धार के लिए स्कूल मंे पढ़ने वाले बच्चों से ही काम करवाया जा रहा है। जबकि होना यह चाहिए कि जब सरकारी आबंटन जर्जर स्कूल की मरमत व जीर्णोद्धार के लिये आया है तो प्रशिक्षित मिस्त्री व मजदूरों से ही काम लिया जाना चाहिए था पर यहां पदस्थ शिक्षकों ने बच्चों से ही काम लेना शुरू कर दिया। जिसकी तस्वीरें वायरल होनें के बाद हमने जब इस मामले को लेकर मौजूद प्रधानपाठक विलियम तिर्की सवाल किया गया तो वे कैमरे से भागते हुए नजर आए और हमारे सवालों का जवाब दिये बगैर चले गए।

 

इसके बाद हमने जिला शिक्षा अधिकारी डॉ संजय गुहे ने पहले तो ऐसी घटना की कोई जानकारी उनके पास नही आने की बात कही पर जब उन्हें मौके की फोटो और वीडियो दिखाये गए तो उन्होंने कहा कि यदि स्कूल में बच्चों से किसी तरह का कार्य करवाया जा रहा है तो इसकी जांच के लिये खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित कर दिया गया है. आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद करने की बात कही है।

 

यहां यह बताना लाजमी होगा कि सरगुजा संभाग राज्य के शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम सरगुजा संभाग के ही हैं। साथ ही सरगुजा जिले से दो कद्दावर मंत्री टीएस सिंह देव और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत भी हैं ऐसे में भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कोई भय नहीं है।

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Author: samachardoot

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