Bhopal News: दस करोड़ रुपये की स्मार्ट पार्किंग में चल रही अवैध दुकानें, सड़क पर खड़े हो रहे वाहन

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भोपाल, पार्किंग व्यवस्था निश्शुल्क होने के बाद से शहर में यातायात व्यवस्था धराशायी होती जा रही है। मुख्य मार्ग और बाजारों में दो और चारपहिया वाहनों की पार्किंग की जा रही है। जबकि, स्मार्ट सिटी द्वारा दस करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई स्मार्ट पार्किंग निगम अधिकारियों की लापरवाही का शिकार हो रही है। यहां गन्ने की चरखी, मैकेनिक व खान-पान की समग्रियों के साथ अन्य दुकानें लगाई जा रही हैं। लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई करने से नगर निगम व ट्रैफिक विभाग के अधिकारी बच रहे हैं। बता दें कि एक मई 2022 से नगर निगम द्वारा मल्टीलेवल और प्रीमियम पार्किंग को छोड़कर अन्य स्थानों को शुल्क मुक्त कर दिया गया था। हालांकि 15 मई से नए वाहन खरीदने वालों से ये शुल्क एकमुश्त वसूला जा रहा था। लेकिन आटो मोबाइल डीलरों के कोर्ट में जाने के बाद नगर निगम के द्वारा वाहनों की खरीदी करते समय एकमुश्त वसूली शुल्क पर रोक लगा दी गई। बीते छह महीने से न तो नगर निगम को राजस्व मिल रहा है और न ही इन पार्किंग स्थलों में वाहन खड़ा करने वालों को सुविधाएं। नतीजतन, लोग सड़कों पर बेतरतीब वाहन खड़ा करते हैं। सड़क पर मनमर्जी से खड़े किए जा रहे वाहन पार्किंग निश्शुल्क होने के बाद से दो पहिया वाहनों की चोरियां भी बढ़ गई हैं। इसका मुख्य कारण इन स्थानों पर सुरक्षाकर्मी और सीसीटीवी नहीं होना है। पार्किंग निश्शुल्क होने से लोग मनमर्जी से वाहन खड़े कर रहे हैं। एक के बाद एक गाड़ियां पार्क होने से जगह नहीं बचती है। लोगों को पार्किंग से वाहन निकालने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है, तो कुछ लोग सड़क पर ही वाहन पार्क करके जाते हैं। स्मार्ट पार्किंग में बिक रहा गन्ने का रस पार्किंग निश्शुल्क करने से इन स्थलों पर अवैध कब्जे हो गए हैं। एमपी नगर जोन टू स्थित शिवा बार के सामने स्मार्ट पार्किंग में गन्ने की चरखी लगाई जा रही है। वहीं, प्रगति पेट्रोल पंप के पास स्मार्ट पार्किंग में मैकेनिक की दुकानें खुल गई हैं। वहीं हबीबगंज के मानसरोवर स्मार्ट पार्किंग में स्थायी निवास बना लिया गया है। लेकिन नगर निगम का पार्किंग अमला न तो यहां निश्शुल्क पार्किंग के बोर्ड लगा पाया और न ही इन स्थानों को अतिक्रमण मुक्त करा पाया। पार्किंग स्थलों में बेतरतीब गाड़ियों के खड़े होने से लोगों को वाहन खड़े करने की जगह नहीं मिल रही है। हम अपना दो पहिया वाहन कहां खड़ा करें। लोग मनमर्जी से वाहन खड़ा करके चले जाते हैं। – रंजन शर्मा, नौकरीपेशा पार्किंग में वाहन खड़ा करने के बाद वाहन निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वाहन की सुरक्षा की गारंटी भी नहीं रहती। पार्किंग शुल्क लगने से वाहनों की सुरक्षा तो तय होती थी। अब वाहन चोरी न हो जाए इस बात की चिंता लगी रहती है। – कपिल साहू, छात्र एमपी नगर की स्मार्ट पार्किंग में चार पहिया वाहन खड़ा करके गया था, मन में यही दुविधा बनी रही कि वाहन सुरक्षित रहेगा या नहीं, पार्किंग द्वार पर गार्ड भी नहीं है, सीसीटीवी कैमरा भी नहीं है। -धनेंद्र पांडे, नौकरीपेशा पार्किंग स्थलों में नगर निगम द्वारा निश्शुल्क पार्किंग के बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे अवैध वसूली न की जा सके। साथ ही वाहनों की सुरक्षा के लिए इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। – शाश्वत मीणा, अपर आयुक्त, नगर निगम पार्किंग सेल
samachardoot
Author: samachardoot

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें