जानकारी के अनुसार ईडी की कार्रवाई से बचाने और कथित तौर पर डायरेक्टर से मुलाकात करवाने का झांसा देकर ठगों ने कुछ अफसरों से 50-50 लाख रुपये में सौदा किया था। एडवांस के तौर पर पांच-पांच लाख रुपये वसूले गए थे।
राखी थाने में आबकारी अपर आयुक्त राकेश मंडावी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि अमरावती के अश्वनी भाटिया और उसके साथी ने खुद को महाराष्ट्र का लाइजनर बताया। अफसरों से दावा किया उनकी ईडी के डायरेक्टर और अन्य अधिकारियों से पहचान है। राज्य में आबकारी गड़गड़ी की जो जांच चल रही है, उसमें कार्रवाई से बचा सकते हैं। कुछ लोगों ने झांसे में आकर लगभग पांच-पांच लाख रुपये दे दिए। आरोपित और पैसे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और छल-कपट का केस दर्ज किया है।
पैसे देने गए थे महाराष्ट्र
गिरोह ने आबकारी भवन के अधिकारियों के अलावा कई जिला आबकारी अधिकारी और उपायुक्त से संपर्क किया। कुछ लोग ठगों के झांसे में आ गए। उनसे मिलने महाराष्ट्र भी गए और पैसा भी दे आए। पुलिस को अंदेशा है कि अलग-अलग राज्यों में ईडी की कार्रवाई चल रही है। ये आरोपित वहां भी सक्रिय रहे हैं। कई लोगों से रकम वसूली की है।









