Ambikapur News : पत्नी, पुत्री को बंधक बना हत्या करने की धमकी से मचा हड़कंप

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सूरजपुर, पर्री गांव में कथित मानसिक रोगी ने चरित्र शंका पर सोमवार को अपने ही घर मे पत्नी और चार वर्षीय बच्चे को 11 घण्टा बंधक बनाए रखा। दरवाजा खोलने के लिए दबाव बनाने पर उन्हें जान से मार देने की धमकी देते रहा। इस घटना से गांव में हड़कंप मचा रहा। सूचना पर कोतवाली पुलिस टीम के साथ ही महिला व बच्चे के रेस्क्यू के लिए पहुंची सखी वन स्टॉप सेंटर एवं चाइल्डलाइन की टीम परेशान रही। करीब 11 घण्टा मशक्कत करने के बाद मानसिक रूप से बीमार राज मिस्त्री ने दरवाजा खोल कर पत्नी और मासूम बच्चे को आजाद किया। पुलिस ने राज मिस्त्री को उपचार के लिए सेंदरी मानसिक रोग अस्पताल बिलासपुर के लिए रवाना कर दिया है।

घटना जिला मुख्यालय से लगे पर्री गांव के पुलिस लाइन के समीप स्थित मोहल्ले की है। बता दें कि गांव में रहने वाले गोरेलाल पिता एतवा राम तुरिया की दिमागी हालत ठीक नहीं है। उसका उपचार भी जारी है। उसकी पत्नी सिलोचनी बाई से उसके चार बच्चे हैं, लेकिन बीच-बीच में कई दिन के लिए उसकी पत्नी के मायके अथवा अन्य कहीं चले जाने के कारण वह उसके चरित्र पर शंका करते हुए अक्सर उसके साथ वाद विवाद करता रहा है। करीब दो माह पूर्व उसकी पत्नी अपने छोटे बच्चे भारत को लेकर अपने मायके ग्राम देवनगर चली गई थी। वहां से वह ग्राम झगराही अपने मामा के घर चली गई थी। इस बीच वह अपने पति से बात भी नहीं कर रही थी। बीते मंगलवार को उसकी पत्नी वापस आई थी। उसके आने के बाद से ही गोरेलाल को दौरा पड़ने लगा। वह अपनी पत्नी से विवाद करने लगा। उसके परिजनों ने उसकी हरकत को देखकर उसे जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया। जहां से वह बीते रविवार को वापस घर आया।

रात में खाना खाने के बाद गोरेलाल अपनी पत्नी सिलोचनी एवं चार वर्षीय पुत्र भारत के साथ घर के अंदर सोने चला गया। घर के बाहर परछी में उसका पुत्र मनीष 13 वर्ष एवं संजय नौ वर्ष अपने चाचा सतीश एवं विजय के साथ सो गए थे। वही उसका मझला पुत्र शिवम 11 वर्ष घर के बगल में अपने दादा के पास सोने चला गया था।

बंधक बना की मारपीट-

चरित्र शंका पर राजमिस्त्री गोरेलाल ने सोमवार को तड़के करीब तीन बजे से अपनी पत्नी सिलोचनी बाई व मासूम पुत्र भारत चार वर्ष को बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट करने लगा। परिजनों ने घर का दरवाजा खुलवाने का काफी प्रयास किया। इस पर गोरेलाल ने अपने पत्नी एवं बच्चे की हत्या कर देने की धमकी दी। घटना की जानकारी मिलने पर सूरजपुर कोतवाली टीआई लक्ष्मण सिंह ध्रुव समेत प्रधान आरक्षक विवेकानंद सिंह, मोहम्मद तालिब शेख, इसित बेहरा, आरक्षक लक्ष्मी मिर्रे, अजय प्रताप सिंह, रनसाय रवि के अलावा सखी वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर सबरीन फ़ातिमा व चाइल्डलाइन के केंद्र समन्वयक पार्थिक मजूमदार महिला एवं बच्चे के रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंचे।

इधर दरवाजा खुलवाने की कोशिश करने पर गोरेलाल ने अपनी पत्नी व बच्चे की हत्या पर देने की धमकी दी। इस बीच उसने अपनी बंधक पत्नी व मासूम बच्चे के साथ मारपीट भी की। उनकी हत्या करने के लिए घर के अंदर चाकू में भी धार लगा रहा था। बाहर से काफी समझाने के बाद उसने कहा कि उसकी भांजी को लेकर आओ, तो वह दरवाजा खोल देगा। उसके बाद पुलिस ने कोरिया जिले के पटना थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम टेंगनी में रहने वाली उसकी भांजी सुष्मिता पुत्री रविचंद्र बसोर नौ वर्ष को लाया। उसके कहने पर गोरेलाल ने घर का दरवाजा खोल कर अपनी पत्नी व बच्चे को आजाद किया। तब पुलिस टीम ने राहत की सांस ली। इधर पुलिस ने गोरेलाल को जिला चिकित्सालय में उपचार कराने के बाद उसे सेंदरी मानसिक रोग अस्पताल के लिए रवाना कर दिया है।

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Author: samachardoot

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