पुलिस कमिश्नरेट से पहले बड़ा प्रशासनिक मंथन, कई जिलों के SSP– पुलिस कप्तान बदलने के संकेत

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रायपुर।

छत्तीसगढ़ में पुलिस महकमे को लेकर एक बार फिर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। वजह है—23 जनवरी से रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली का लागू होना, जिसे राज्य की पुलिस व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा ढांचागत बदलाव माना जा रहा है।

 

सूत्रों के अनुसार, रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर को लेकर सरकार बेहद सतर्क नजर आ रही है। सत्ता के गलियारों में यह स्पष्ट संकेत हैं कि इस अहम जिम्मेदारी के लिए किसी प्रमोटी IPS अधिकारी को IG रैंक पर बैठाने के बजाय सीनियर डायरेक्ट IPS अधिकारी को ही चुना जाएगा। इस दौड़ में बद्रीनारायण मीना और दीपक कुमार झा के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं।

 

जिलों में भी बदलेगी तस्वीर

 

केवल राजधानी ही नहीं, बल्कि कई जिलों में भी पदस्थापना को लेकर हलचल तेज है।

गृह मंत्री विजय शर्मा के गृह जिले कवर्धा में पदस्थ धर्मेंद्र सिंह छवाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर का SP बनाए जाने के संकेत मिल रहे हैं। प्रशासनिक हलकों में इसे सामान्य ट्रांसफर से ज्यादा, सरकार के भरोसे और संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

रायगढ़ में भी बड़ा बदलाव संभव है। तमनार में हुई भीड़ हिंसा के बाद सरकार को जिस आलोचना का सामना करना पड़ा, उसके बाद शशिमोहन सिंह को रायगढ़ का नया SSP बनाए जाने की चर्चा है। माना जा रहा है कि हालात को संभालने और प्रशासनिक नियंत्रण बहाल करने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।

वर्तमान SSP दिव्यांग पटेल को CAF (छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल) की किसी बटालियन में भेजे जाने की संभावना है।

 

राजधानी और प्रमुख जिलों पर खास फोकस

 

रायपुर में डॉ. लाल उम्मेद सिंह को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के रूप में पदोन्नति मिलने के संकेत हैं, ताकि कमिश्नर प्रणाली की शुरुआत मजबूत प्रशासनिक ढांचे के साथ हो सके।

वहीं डॉ. संतोष सिंह को दुर्ग का SSP बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

 

बिलासपुर में रजनेश सिंह का SSP बने रहना लगभग तय माना जा रहा है।

कोरबा में विजय अग्रवाल की तैनाती की चर्चा है, जहां वे सिद्धार्थ तिवारी का स्थान ले सकते हैं।

 

अन्य जिलों में संभावित फेरबदल

 

सूत्रों के मुताबिक—

• हरीश राठौड़ – मुंगेली

• भावना पांडे – बेमेतरा

• रामकृष्ण साहू – सूरजपुर

• भोजराम पटेल – सारंगढ़-बिलाईगढ़

 

वहीं प्रशांत ठाकुर और सिद्धार्थ तिवारी को पुलिस मुख्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपे जाने की संभावना है।

 

आदेश नहीं, संकेत—लेकिन असर गहरा

 

फिलहाल ये सभी जानकारियाँ प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं पर आधारित हैं। आधिकारिक आदेश जारी होना अभी बाकी है, लेकिन अनुभव बताता है कि ऐसे संकेत अक्सर आदेश से पहले ही सिस्टम में हलचल पैदा कर देते हैं।

 

23 जनवरी के बाद साफ होगा कि यह फेरबदल केवल नामों का है या छत्तीसगढ़ की पुलिसिंग दिशा बदलने की एक सोची-समझी रणनीति।

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Author: samachardoot

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