प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ एक व दो का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले वे ऐतिहासिक South Block में केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
करीब 125 वर्षों से सत्ता के केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक ब्रिटिश काल की प्रशासनिक विरासत का प्रतीक रहे हैं। इन भवनों का डिजाइन ब्रिटिश वास्तुकार Herbert Baker ने 1900 के दशक की शुरुआत में किया था। अब पीएमओ का स्थानांतरण नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में किया जाएगा, जिसे आधुनिक और एकीकृत प्रशासनिक ढांचे के रूप में विकसित किया गया है।
सरकार की योजना के तहत North Block और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में परिवर्तित किया जाएगा। यह संग्रहालय भारत की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाने वाला विश्वस्तरीय केंद्र होगा।
परिवर्तनकारी मील का पत्थर
पीएमओ के अनुसार, ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। दशकों से मंत्रालय केंद्रीय विस्टा क्षेत्र में बिखरे हुए कार्यालयों से कार्य कर रहे थे। अब प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही परिसर में संचालित होंगे।
‘कर्तव्य भवन’ एक व दो में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि समेत कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इन परिसरों को 4-स्टार जीआरआइएचए मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्मार्ट सुरक्षा प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
यह कदम प्रशासनिक वास्तुकला और शासन व्यवस्था को उपनिवेशी प्रभाव से मुक्त कर आधुनिक, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित प्रणाली की ओर बढ़ने का प्रतीक माना जा रहा है।








