भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिन उपभोक्ताओं पर सालों से लाखों रुपये बकाया है, उन पर बिजली कंपनी चुप्पी साधे हुए है। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। यही वजह है कि 12 हजार करोड़ से अधिक का बकाया हो चुका है, जिसे बिजली कंपनी नहीं वसूल पा रही है। वहीं एक हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक बकायादार उपभोक्ताओं की बिजली काटी जा रही है। भोपाल शहर के गांधी नगर व गोंदरमऊ इलाके में बिजली कंपनी के अधिकारी बीते चार दिन से बिजली कनेक्शन काट रहे हैं। चार दिन में गांधी नगर समेत अन्य क्षेत्रों के 200 से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली काटी गई है। इनमें से 90 फीसद उपभोक्ताओं पर 1200 से पांच हजार रुपये बकाया है। इन उपभोक्ताओं का कहना है कि वे सालों से बिजली बिल चुकाते आ रहे थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण उनकी स्थिति खराब हो गई थी। वे बिल की राशि नहीं जुटा पा रहे थे। बिजली कंपनी के अधिकारी अमले के साथ आए और आपूर्ति बंद करके चले गए।
गोंदरमऊ क्षेत्र में रहने वाले गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि बिना सूचना और नोटिस के बिजली काट दी गई थी। जुड़वाने के लिए बहुत परेशान होना पड़ा। चार बार अधिकारियों को कॉल किए, किसी ने सुनवाई नहीं की। तब बिजली कंपनी के दफ्तर जाना पड़ा। अधिकारियों ने बिजली चालू करने से मना कर दिया। ऐसी स्थिति में दोस्त से 1200 रुपये उधार लेने पड़े और जमा करने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई है। कंपनी के अधिकारी आर्थिक स्थिति को समझने के लिए तैयार नहीं है। गौरव व क्षेत्र के अन्य प्रभावित उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली कंपनी उन लोगों की बिजली नहीं काटती, जो पहुंच रखते हैं और सालों से बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। छोटे उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। बिजली काटने के बाद सुनवाई भी देरी से होती है। अधिकारी सीधे मुंह बात तक नहीं करते हैं।
हालांकि बिजली कंपनी के अधिकारियों के अपने तर्क है। उनका कहना है कि उन पर भी वरिष्ठ स्तर से बिजली बिलों की वसूला का दबाव है। वे छोटे और बड़े बकायादार उपभोक्ताओं में भेद नहीं कर रहे हैं। बकायादार तो बकायादार होता है। उन्हें सभी बकायादारों से वसूली के लक्ष्य मिले हैं। कार्रवाई नहीं की गई तो वरिष्ठ अधिकारी उन पर कार्रवाई कर देंगे।








