पेयजल और सीवर लाइन के साथ ही बिजली, गैस पाइप लाइन की मरम्मत के लिए विभागों ने सड़कें तो खोद डाली लेकिन रोड कटिंग का भुगतान विभाग लोक निर्माण विभाग को करना भूल गए। जल संस्थान, जल निगम के साथ ही कई विभागों पर करीब 72 लाख रुपये का बकाया पिछले कई महीनों से अटका है। लोनिवि के अधिकारी संबंधित विभागों के अफसरों को बार-बार पत्र लिख रहे हैं।
कुंभ मेले के दौरान सड़कें खोदकर लाइनों की मरम्मत और नई लाइनें डालने का कार्य किया गया था। उस समय सबसे ज्यादा कार्य रोड कटिंग कर किए गए। ज्वालापुर के अलावा ललतारो पुल मेन रोड पर भी खुदाई की गई थी। इसके साथ ही बहादराबाद के रोहालकी और अन्य कई स्थानों पर सड़क तोड़कर कार्य किया गया था। इनमें खुदाई का अधिक कार्य जल संस्थान, जल निगम, यूपीसीएल और भूमिगत गैस पाइप लाइन डालने वाली कार्यदायी संस्था ने किया था।
लेकिन कुंभ निपटने के बाद अब तक रोड कटिंग का भुगतान विभागों ने लोक निर्माण विभाग को नहीं किया है। लोनिवि के अधिकारियों की मानें तो शहरभर की रोड कटिंग के करीब 72 लाख रुपये के बिल बनाए गए। आरोप ये भी है कि अधिकांश विभाग के कर्मचारी लोनिवि की अनुमति के बिना ही सड़कों को खोद देते हैं। इसकी जानकारी विभागों को नहीं होती है। ऐसे में मरम्मत की समस्या खड़ी होती है। ये भी नहीं पता चल पाता कि किस विभाग ने रोड कटिंग की। ऐसे में विभाग को ही सड़क सही कराना पड़ती है।
जल संस्थान, जल निगम सहित कई विभागों ने मरम्मत समेत कई कार्यों के लिए रोड कटिंग की थी। जिसका भुगतान पिछले कई महीनों से रुका हुआ है। इसके लिए कई बार पत्र भी लिखे जा चुके हैं। कई जगह बिना अनुमति के ही सड़कें खोद दी जाती हैं। इसके लिए पुलिस को भी शिकायत की जा चुकी हैं।
दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
लोनिवि की ओर भेजा गया पत्र मेरे संज्ञान में है। करीब सात से आठ लाख रुपये तक का भुगतान है। इससे ज्यादा नहीं है। कुंभ के तहत ही भुगतान होना था। जल्द भुगतान करा दिया जाएगा।
राजीव सैनी, अधीक्षण अभियंता, जल संस्थान हरिद्वार









