रहस्यमयी बीमारी ने आठ दिन में एक ही परिवार के पांच लोगों को सुलाया मौत की नींद, भड़के लोगों ने किया सड़क जाम

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मुफस्सिल थाने के सिरसा कॉलोनी में रहस्यमयी बीमारी से आठ दिन के अंदर एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। पहले तो तीन की मौत को स्वाभाविक मौत मान परिजनों ने दाह संस्कार कर दिया। परंतु आज फिर दो बच्चों की मौत होने के बाद वे भड़क उठे। इसके विरोध में मोतिहारी मधुबनी घाट पथ को सिरसा गांव के पास आधा घंटा तक जाम कर दिया।

डीएम शीर्षत कपिल अशोक के निर्देश के बाद सिविल सर्जन ने एंबुलेंस भेजकर शवों को सदर अस्पताल मंगवाया। उसके बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। मेडिकल बोर्ड ने कहा कि बेसरा की एफएसएल जांच के बाद बीमारी का पता चलेगा। वैसे परिवार के सदस्यों का कहना है कि पेट में दर्द की शिकायत के बाद गला जाम हो रहा था। इसके बाद कुछ देर तक इशारे में बात करते थे। निजी अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई।

इन लोगों की हुई है मौत
रविंद्र प्रसाद (32), प्रियांशु कुमार (10), मुनी कुमारी (14), सत्यम उर्फ कालू (4) व अंशु कुमारी (13) की मौत हो गयी है। रवींद्र व प्रियांशु बाप-बेटे थे। दोनों की मौत एक ही दिन के अंदर कुछ घंटे के अंतराल पर हो गयी। मुन्नी कुमारी व सत्यम भाई बहन हैं। वहीं अंशु कुमारी रवींद्र के खास भाई मुकेश प्रसाद की साली थी। अंशु बचपन से ही अपने बहन के घर रह रही थी क्योंकि मुकेश प्रसाद को कोई संतान नहीं थी। घर के बड़े बुजुर्ग अभिाभावक परशुराम प्रसाद कुशवाहा हैं। परिवार अभी साथ में ही रहता है।

सबसे पहले अंशु की हुई मौत
सबसे पहले बंजरिया बथना के अंशु कुमारी की मौत 26 अगस्त को हुई जो अपने बहन के घर सिरसा कॉलोनी में रहती थी। उसके बाद एक सितम्बर को रवीन्द्र प्रसाद व उसके इकलौते पुत्र प्रियांशु कुमार की मौत हो गयी। शुक्रवार को मुन्नी कुमारी व सत्यम उर्फ कालू बीमार पड़ा। उसे सदर अस्पताल लाया गया। वहां से रेफर हुआ। मुजफ्फपुर इलाज के लिए जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

दो शवों का हुआ पोस्टमार्टम
मुन्नी कुमारी व सत्यम उर्फ कालू का आज सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। दोनों की बेसरा की एफएसएल में जांच होगी। पुलिस का कहना है कि सत्यम के नाक व मुंह से खून निकल रहा था। वहीं मुन्नी के मुंह से झाग निकल रहा था। तीन शवों की तो पहले अंत्येष्टि कर दी गयी थी।

महामारी विशेषज्ञ की टीम जाएगी
सदर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी श्रवण पासवान का कहना है कि गांव व टोला में महामारी विशेषज्ञ टीम के भेजने की जरूरत है। पेट में दर्द होने के बाद अचानक मौत हो जा रही है, यह बड़ी आश्चर्य की बात है। तत्काल उन्होंने ग्राम पंचायत राज सिरसा माल के मुखिया से बात पीड़ित परिवार को कहीं अन्य स्कूल या सार्वजनिक स्थान पर आश्रय दिलाने का आग्रह किया है ताकि इस बीमारी की चपेट में परिवार के अन्य सदस्य नहीं आ सके।

क्या कहते हैं पीड़ित परिवार के बुजुर्ग
परिवार के मुखिया परशुराम प्रसाद कुशवाहा का कहना है कि बीमार पड़ने पर लोकल डॉक्टर व निजी अस्पतालों में भी इलाज कराया गया। पहले अंदेशा हुआ कि सांप ने काट लिया है। झाड़फूंक भी करायी गयी। उनका कहना है कि अचानक पेट में दर्द होने लगता था। कुछ ही देर में गला अवरुद्ध हो जाता है। इलाज के लिए ले जाते तब तक मौत हो जाती।

samachardoot
Author: samachardoot

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें