मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। जहां जमानत पर जेल से छूटे एक युवक ने अपने भाई व पिता के साथ मिलकर एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया है। आरोपी युवक दो साल पहले मृतक की नाबालिग बेटी को भगा ले गया था। जिसके बाद पुलिस में शिकायत करने के बाद वह जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुका था। वहां से छूटने के बाद उसने बदला लेने की इस घटना को अंजाम दिया है।
विवाद दिसंबर 2019 से शुरू हुआ था। लोरमी थाना के बोड़तरा गांव निवासी रोहित साहू की नाबालिग बच्ची को भागवत जायसवाल भगाकर ले गया था। पुलिस ने भागवत को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। कुछ महीने बाद भागवत जेल से जमानत पर छूटकर आ गया था। उसने रोहित के परिवार से बदला लेने की योजना बनाई।
सोमवार को गांव में गणेश विसर्जन हो रहा था, दोपहर को उस विसर्जन में रोहित साहू का भतीजा छोटू भी शामिल था। सभी नाचने गाने में व्यस्त थे, इसी दौरान भागवत, कुंभकरण और उसके पिता शिव प्रसाद जायसवाल विसर्जन में पहुंच गए और छोटू को पीट दिया। छोटू की पिटाई की बात जैसी ही रोहित को पता चली रोहित शाम को अपनी पत्नी के साथ शिव प्रसाद के घर पहुंच गया और उसने भतीजे के साथ हुई मारपीट का विरोध जताया।
भागवत ने अपने पिता शिवप्रसाद और भाई कुंभकरण जायसवाल के साथ मिलकर रोहित को घेर लिया और उसे पीटना शुरू कर दिया। रोहित को टंगिया और लाठी से पिटता देख उसकी पत्नी बीच-बचाव के लिए आई। वह हाथ जोड़कर उसे छोड़ने के लिए मिन्नतें करती रही, लेकिन आरोपियों ने रोहित के साथ उसकी पत्नी को भी पीट दिया। तीनों मिलकर रोहित को तब तक पीटते रहे, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। उसकी पत्नी भी पिटाई में गंभीर रूप से घायल हुई है।
घटना के बाद शाम को ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और इस बात की शिकायत लोरमी थाने में दर्ज कराई गई। लोरमी थाना प्रभारी राजकुमार साहू ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश के लिए उनके कई ठिकानों पर छापामार कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने बताया कि रोहित के तीन बच्चे थे, जिसमें एक बच्चे की मौत हो चुकी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।









