सरकार का बड़ा फैसला: दिव्यांग और असहाय लोगों को घर जाकर दी जाएगी कोरोना वैक्सीन

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केंद्र सरकार ने आज कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर अहम एलान किया। सरकार ने कहा कि दिव्यांग और असहाय लोगों को घर जाकर वैक्सीन दी जाएगी। नीति आयोग-स्वास्थ्य के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि मुझे ये बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि दिव्यांग और असहाय लोगों को घर-घर जाकर वैक्सीन देने के संबंध में एडवाइजरी जारी की जा चुकी है।

दिव्यांगों और असक्त लोगों को घर-घर जाकर टेस्ट करने और वैक्सीन देने के संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखी है। इसमें इनसे दिव्यागों वो असक्त लोगों को घर जाकर या नजदीकी केंद्र में वैक्सीन देने का इंतजाम करने को कहा गया है।
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 31 हजार मामले सामने आए हैं। इनमें से अधिकतर मामले केरल और महाराष्ट्र से हैं। पिछले हफ्ते के दौरान कुल मामलों में से 62.73 फीसदी अकेले केरल से आए हैं।

राजेश भूषण ने कहा कि हालांकि संक्रमण के कुल मामलों में कमी आई है। लगातार 12वें सप्ताह में साप्ताहिक संक्रमण दर में कमी आई है और ये 3 फीसदी से कम है, जबकि रिकवरी रेट 97.8 फीसदी है।

उन्होंने कहा कि देश की 66 फीसदी व्यस्क आबादी को कम से कम एक कोराना वायरस का टीका लग चुका है, 23 फीसदी ने दोनों टीके लिए हैं। हमने ये उपलब्धि कुछ राज्यों के खास योगदान से हासिल की है।

उन्होंने कहा कि छह राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में 100 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है। ये हैं लक्षद्वीप, चंडीगढ़, गोवा, हिमाचल प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और सिक्किम।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि त्योहारों के मद्देनजर खास तौर पर सतर्कता बरती जाए। कंटेनमेंट जोन और पांच फीसदी से अधिक संक्रमण दर वाली जगहों पर भीड़ नहीं जुटे।
राजेश भूषण ने कहा कि देश के 33 जिलों में 10 फीसदी साप्ताहिक संक्रमण दर है, जबकि 23 जिलों में 5-10 फीसदी है। हम अभी दूसरी कोरोना लहर के बीच हैं और मामलों में लगातार कमी आ रही है।

ब्रिटेन का नियम भेदभावपूर्ण 
ब्रिटेन में भारतीय यात्रियों को लेकर बनाए गए कोरोना नियमों के संबंध में राजेश भूषण ने कहा कि 4 अक्तूबर से लागू होने वाला नियम पूरी तरह भेदभावपूर्ण है। इस संबंध में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और जल्दी ही समाधान निकल आएगा। हमारे पास भी उसी तरह का बर्ताव करने का अधिकार है।

बता दें कि इस संबंध में भारत में ब्रिटिश हाई कमिश्नर एलेक्स एलिस के लगातार बयान आ रहे हैं। आज उन्होंने कहा कि हमारी डॉ. आर एस शर्मा (सीईओ, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी) से बेहद अच्छी बातचीत हुई है। किसी भी पक्ष ने इस दौरान एक-दूसरे के प्रमाणपत्र प्रक्रिया को लेकर सवाल नहीं उठाए।

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Author: samachardoot

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