राजधानी पटना की पूजा समितियां कई मूर्तियों में प्रयोग कर रही हैं। इस बार कहीं फेस मास्क वाली प्रतिमा नजर आएगी तो कहीं सरसों और कुर्थी दाल की बनी प्रतिमा श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। बीते वर्षों में भी प्रतिमा में तरह-तरह का प्रयोग होते रहे हैं। इसके पहले अमरूदी गली में किशमिश, चाय की पत्तियों से बनी प्रतिमा और भंवर पोखर में दलिया की बनी प्रतिमा बनायी जा चुकी है। ये प्रतिमाएं राजधानी के लोगों के आकर्षण का केंद्र रह चुकी हैं। ऐसे में कलाकार लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं।
https://samachardoot.in/2021/10/11/chhattisgarh-chief-minister-bhupesh-baghel-got-the-support-of-the-home-minister-will-he-be-able-to-save-the-chair/
मोतियों की प्रतिमा
मुसल्लहपुर (चाईटोला) में मोतियों से देवी प्रतिमा का निर्माण किया गया है। माता का चेहरा मोतियों से बना हुआ है। पटना आर्ट कॉलेज के पूर्व छात्र मूर्तिकार जितेंद्र व चंदन कहते हैं कि इसके निर्माण में काफी बारीकी से काम करना पड़ा है। इस काम में बीते एक महीने से लगे हुए हैं। सितंबर में ही मूर्ति निर्माण का काम शुरू किए थे। इसमें पन्द्रह से बीस हजार मोती लगे हैं। माता की साड़ी का निर्माण आर्टिफिशियल स्टोन से प्रयोग किया गया है। न्यू आजाद हिन्द क्लब के बैनर तले प्रतिमा स्थापित की जा रही है।
https://samachardoot.in/2021/10/11/what-happened-that-girlfriend-got-married-to-boyfreds-father-read-full-news/
सात किलो सरसों का उपयोग
नाथू गली मुसल्लहपुर में जय हिन्द क्लब के बैनर तले सरसों की प्रतिमा बनी है। निर्माण में सात किलो सरसों का उपयोग हुआ है, जबकि माता की साड़ी का बार्डर राई से बना है। निर्माणकर्ता जितेन्द्र कहते हैं कि 12 सालों से अलग-अलग सामग्री से मूर्तियां बनाते रहे हैं।
https://samachardoot.in/2021/10/11/the-sleeping-wife-was-cut-and-killed-by-a-snake-the-court-considered-the-young-man-guilty-know-how-the-crime-was-proved-read-full-news/
दस किलो दाल लगी
भवंर पोखर में इस बार कुर्थी दाल की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसमें करीब दस किलो कुर्थी दाल का उपयोग हुआ है। मूर्तिकार बताते हैं कि चेहरे में दाल का उपयोग किया गया है, जबकि साड़ी का निर्माण साबुत कुर्थी से किया गया है। भंवर पोखर में यूथ इंडिया क्लब के बैनर तले यह मूर्ति बैठायी जा रही है।
https://samachardoot.in/2021/10/11/on-the-wedding-day-the-woman-made-a-relationship-with-the-best-friend-of-the-groom-this-is-how-it-was-revealed-read-full-news/
मास्क से बनाया मां का परिधान
पटना में इस बार दो जगहों पर मास्क के परिधान में प्रतिमा बैठायी जा रही है। चेहरे पर पर मास्क पहनाया हुआ है। अमरूदी गली में एएमबीसी क्लब द्वारा और नया चक बाइपास में एकता क्लब द्वारा यह प्रतिमा बैठायी जा रही है। कोरोना संक्रमण को रोकने में सबसे कारगर हथियार के रूप में प्रयोग किए जाने वाले मास्क को लेकर लोगों को लापरवाही नहीं बरतने और मास्क के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिमा का निर्माण किया गया है। मूर्तिकार जितेन्द्र कुमार बताते हैं कि परिधान में लगभग पांच सौ मास्क लगाना पड़ा है। भारत माता की मूर्ति को मास्क से बनाया गया है। मास्क से ही माता की पोशाक भी बनायी गई है। मां वरदानी मुद्रा में भक्तों को आशीर्वाद देती नजर आ रही हैं।
https://samachardoot.in/2021/10/11/the-little-girl-did-such-an-act-that-her-mother-became-ashamed-read-full-news/









