बिना शादी के युवक को अपनी होने वाली ससुराल जाना महंगा पड़ गया। बिना गाजे बाजे और बिना लड़के के परिजनों की उपस्थिति में शादी की गई। यह मामला है औरंगाबाद जिले के गोह थाने के डिहूरी गांव का। स्थानीय निवासी नरेश पासवान ने अरवल जिले के मेहंदिया थाने के कोईल गांव के निवासी चंद्रदेव पासवान के पुत्र जीतू कुमार से करीब ढाई साल से शादी तय थी।
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लड़की के पिता ने बताया कि लड़के के परिजन शादी के लिए टाल-मटोल कर रहे थे। दान स्वरूप कुछ राशि भी दी गई थी। लड़का कभी-कभार डिहूरी आता-जाता रहता था। इसकी शिकायत लड़के के परिजनों से भी की गई और लड़के को घर आने से मना कर दिया गया था। उसके बाद भी लड़का नहीं माना।
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दशहरे के दिन भी वह जब उनके घर आया तो परिजनों की सलाह के अनुसार शादी कर देने की सहमति बनी। इसकी जानकारी लड़के के परिजन को दी गई पर वे लोग नहीं आए।
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काफी समय इंतजार के बाद गोह दुर्गा मंदिर में शादी संपन्न कराई गई। मंदिर में शादी के बाद दाउदनगर कोर्ट में शादी को कानूनी मान्यता के लिए भेज दिया गया। बिना विवाह के लग्न के हो रही शादी की सूचना मिलते ही मंदिर के आस-पास के लोगों की भीड़ लग गई। पूर्व मुखिया प्रतिनिधि बिगन यादव ने इस कार्य में काफी पहल की।
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