लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन के साथ जारी सीमा विवाद को देखते हुए भारत ने बॉर्डर पर पिनाका रॉकेट लॉन्चर तैनात कर दिए हैं। आइए इस रॉकेट लॉन्चर के बारे में ख़ास बातें जानते हैं।
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इस लॉन्चर का नाम भगवान शिव के धनुष पिनाक के नाम पर रखा गया है। मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर पिनाका को पूरी तरह से भारत में भारत द्वारा बनाया गया है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन ने इसे विकसित किया है। पिनाका रॉकेट का सबसे कमजोर वेरिएंट MK-1 45 किलोमीटर दूर के टारगेट को भी आसानी से भेद सकता है।
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MK-2 लॉन्चर की बात करें तो 90 किलोमीटर और सबसे उन्नत MK-3 लॉन्चर से 120 किलोमीटर तक हमला किया जा सकता है। यह रॉकेट 100 किलोग्राम तक के वजन के हथियार उठाने में सक्षम हैं। लॉन्चर की लंबाई 16 फीट 3 इंच से लेकर 23 फीट 7 इंच तक है।
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214 कैलिबर के इस लॉन्चर से एक साथ 12 पिनाका रॉकेट दागे जा सकते हैं। एक लॉन्चर बैटरी के जरिए 44 सेकेंड में 72 पिनाका रॉकेट दागे जा सकते हैं। पिनाका रॉकेट की स्पीड करीब 5757 किलोमीटर प्रतिघंटा है। माने सेकेंड्स में यह दुश्मनों को राख में तब्दील करने में सक्षम है।
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1999 में पाकिस्तान के साथ कारगिल युद्ध में पिनाक लॉन्चर्स का इस्तेमाल किया गया था। उस दौरान इसे ऊंचाई वाले इलाको में भेजा गया था जहां इस रॉकेट ने पाकिस्तान द्वारा बनाए बंकरों को ध्वस्त कर दिया था। अपनी स्पीड की वजह से पिनाका लॉन्चर दुश्मनों को संभलने का वक्त ही नहीं देता है।
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