नैनीताल के रामगढ़ में हुए भूस्खलन के चलते मलबे के नीचे दबे नौ में से पांच मजदूरों की शिनाख्त हो गई है। ये सभी बिहार के रहने वाले हैं। एनडीआरएफ ने तल्ला रामगढ़ के झुतिया गांव में घर के भीतर मलबे में दबे इन मजदूरों के शव गुरुवार की शाम को बरामद किए थे। चार मजदूरों की तलाश का काम अब भी जारी है। उम्मीद है कि शाम तक यह पूरा जाएगा।
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मिली जानकारी के अनुसार जिन मजदूरों की शिनाख्त हुई हैं उनमें संदीप चौधरी (उम्र 20 वर्ष) पुत्र शिवल्क चौधरी निवासी ग्राम मिईटोला बिहार, दौड़ा यादव (उम्र 40 वर्ष) पुत्र गोपी यादव निवासी सुरजघर बेतिया बिहार, धामू मुखिया (उम्र 35 वर्ष) पुत्र राधा मुखिया निवासी सतवरिया बेतिया बिहार, शर्मा चौधरी (उम्र 35 वर्ष) पुत्र रमाकान्त चौधरी, श्रीशमावाज़ार बेतिया बिहार और अजय मुख्या (उम्र 19 वर्ष) नरीमन मुख्या मलाइरोला बेतिया बिहार शामिल हैं।
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प्रशासन ने कल मौके पर ही सभी शवों का पोस्टमार्टम कराकर हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल भिजवा दिया था। बाकी मजदूरों को ढूंढने का काम देर शाम तक जारी रहा। नैनीताल जिले में बीते मंगलवार रात आई प्राकृतिक आपदा में तल्ला रामगढ़ के झूतिया गांव में एक घर मलबे में दब गया। जिसमें बिहार के बेतिया जिले के रहने वाले नौ मजदूरों की मौत हो गई। यह सभी एक स्थानीय लोक निर्माण विभाग ठेकेदार जगदीश पांडे के लिए काम करते थे। एनडीआरएफ को घर के भीतर से शवों को निकालने का काम सौंपा गया है। रामगढ़ चौकी प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि अब तक पांच शव निकाले जा चुके हैं। बाकी के चार शव निकालने में एनडीआरएफ की टीम जुटी हुई है।
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शव काफी खराब स्थिति में हैं इसलिए हर एक की पुख्ता पहचान में समस्या आ रही है। इनके साथ काम करने वाले बाकी मजदूरों को बुलाकर शिनाख्त की पहचान की जा रही है। सभी बिहार के बेतिया जिले के रहने वाले हैं। बताया कि घर पूरी तरह जर्जर हो चुका है और इसके गिरने का खतरा है इसलिए घर के भीतर जाकर शव नहीं खोजे जा सकते हैं। मशीन की मदद से एक-एक पत्थर हटाकर शव ढूंढे जा रहे हैं जिस कारण इसमें ज्यादा समय लग रहा है।
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बिहार भेजे जा रहे मृतकों के शव
राज्य सरकार व प्रशासन शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की कोशिशें में जुटा है। दोषापानी में दीवार के नीचे दबने से बिहार के पश्चिमी चंपारण के तीन व उत्तरप्रदेश के अंबेडकरनगर के दो मजदूरों की मौत हो गई थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल भिजवाया। जहां से उन्हें दिल्ली होते हुए उनके घरों को रवाना किया जा रहा है। झोतिया में मारे गए मजदूरों के शव भी उनके घर भेजने की कोशिश प्रशासन कर रहा है।
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