कहते हैं कि मेडिकल विज्ञान किसी अजूबे से कम नहीं है। एम्स में भर्ती हरियाणा की एक महिला ने दो ऐसे जुड़वां नवजात को जन्म दिया है, जिनमें से एक बच्चे की आंत दूसरे बच्चे की गर्दन में मौजूद थी। एम्स के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने सफल सर्जरी करके नवजात की जान बचा ली।
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इन जुड़वां नवजात में एक पूरी तरह विकसित था, जबकि दूसरे नवजात के सिर्फ नाक, मुंह और एक छोटा दिल विकसित हो सका था। इस अविकसित नवजात के हाथ, पैर और कान नहीं थे। इसका ब्रेन भी विकसित नहीं हो पाया था और ब्रेन की जगह पर पानी भरा हुआ था। इस मामले पर डॉक्टरों ने भी हैरानी जताई है कि एक दूसरे से जुड़े हुए बच्चे तो बहुत देखे हैं, लेकिन ऐसा मामला पहले न तो देखा था और न ही सुना था।
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एम्स की पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की वरिष्ठ डॉक्टर शिल्पा शर्मा ने बताया कि पहले भी एक दूसरे के शरीर से जुड़े हुए नवजातों की सर्जरी की है, लेकिन यह अलग मामला था।
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डॉक्टर शिल्पा ने कहा कि एक विकसित नवजात था और दूसरे नवजात के कई अंग ही नहीं थे। उसका एक दिल था और चेहरा था जिस पर आंख और कान भी विकसित नहीं हो सके थे। चौंकाने वाली बात यह थी कि विकसित नवजात की आंत उसके शरीर से जुड़े हुए अविकसित नवजात की गर्दन में मौजूद थी।
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महिला से इन नवजातों की डिलिवरी के दौरान गायनी ऑपरेशन थियेटर में प्रसूति रोग विभाग को डॉक्टर अपर्णा और डॉक्टर वलसाला के अलावा पीडियाट्रिक सर्जन शिल्पा शर्मा और एनीस्थीसिया विभाग के डॉक्टर मोहन और डॉक्टर राकेश, नवजात रोग विभाग के डॉक्टर अंकित भी मौजूद थे।
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इनकी सर्जरी डिलिवरी से पहले ही प्लान कर ली गई थी। इसके लिए मां के गर्भ में रहते ही बच्चों का एमआरआई कर लिया गया। डिलिवरी होने के बाद अविकसित नवजात से विकसित नवजात को अलग किया गया। दो दिन विकसित नवजात को वेंटिलेटर पर रखा गया और अब वह ठीक है।








