राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में फिर से ऑफलाइन पढ़ाई बंद होगी। बच्चों को ऑनलाइन क्लास और डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। कोरोना के तेजी से बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार जनवरी के पहले सप्ताह में इस पर निर्णय लेगी। वर्तमान में छठी से 12वीं तक के स्कूल बच्चों के लिए खुले हुए हैं। जो छात्र-छात्रा स्कूल आकर ऑफलाइन पढ़ाई करना चाहते हैं वे करते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से कोरोना के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए स्कूलों को छात्र-छात्राओं के लिए बंद किया जाएगा।
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सरकार मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा को देखते हुए 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को स्कूल बुला सकती है और छठी, सातवीं, आठवीं, नौंवी और 11वीं के छात्र-छात्राओं के लिए ऑफलाइन पढ़ाई बंद की जा सकती है। कोरोना के मामले बढ़ने पर या फिर एहतियातन 10वीं और 12वीं की ऑफलाइन पढ़ाई भी स्थगित की जा सकेगी। वहीं, वर्तमान शैक्षणिक सत्र में अब पहली से पांचवीं तक के स्कूल खुलने के असर नहीं लग रहे हैं।
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नौवीं से 12वीं तक के ऑफलाइन क्लास छह अगस्त 2021 से शुरू किए गए थे, जबकि छठी से आठवीं तक के ऑफलाइन क्लास 24 सितंबर से चल रहे थे। वहीं, प्ले स्कूल, पहली से पांचवीं तक के क्लास और इससे नीचे से क्लास में ऑफलाइन पढ़ाई 17 मार्च 2020 से ही बंद है। 2020-21 और 2021-22 के शैक्षणिक सत्र में एक दिन भी इन बच्चों की ऑफलाइन पढ़ाई स्कूलों में नहीं हो सकी है। ऑनलाइन क्लास और डिजिटल कंटेट के माध्यम से ही वे पढ़ रहे हैं। इसी आधार पर पिछले साल वे अगली क्लास में प्रमोट हुए और स्कूल नहीं खुलने पर वे वैसे ही प्रमोट किए जाएंगे।
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कोरोना के बढ़ते मामले से अब आठवीं से 12वीं तक के पहले टर्म की परीक्षा पर भी संशय नजर आ रहा है। सरकार एहतियातन परीक्षाओं के संचालन पर रोक लगा सकती है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने एक से 15 दिसंबर 2021 के बीच मैट्रिक और इंटरमीडिएट के पहले टर्म परीक्षा लेने का शिड्यूल जारी किया था, जबकि 10-25 जनवरी के बीच आठवीं, नौवीं और 11वीं के पहले टर्म की परीक्षा निर्धारित थी। ये परीक्षाएं ओएमआर शीट पर होनी है। बावजूद इसके झारखंड एकेडमिक काउंसिल में अध्यक्ष के नहीं होने से अब तक इन परीक्षाओं का संचालन नहीं हो सका है और ना निकट भविष्य में इसके होने की कोई संभावना दिख रही है। 10 दिसंबर को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो द्वारा जैक अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद पर नाम की घोषणा होने के बाद भी अब तक अंतिम मुहर नहीं लग सकी है।
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कोरोना की वजह से अगर आठवीं से 12वीं तक के पहले टर्म की परीक्षा नहीं हुई और दूसरे टर्म के परीक्षा परिणाम के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। मैट्रिक और इंटरमीडिएट का दूसरा टर्म एक मई से 15 मई के बीच होना है, जबकि आठवीं, नौवीं और 11वीं का दूसरा टर्म 10 से 25 जून के बीच होना है। ये परीक्षा लिखित होगी। अगर कोरोना के कारण यह परीक्षा भी प्रभावित होती है तो सितंबर 2021 से स्कूलों में नौवीं से 12वीं क्लास के चल रहे मंथली असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने सभी मंथली असेसमेंट के अंक विभाग में मंगवाए हैं और स्कूलों में भी रखवाएं हैं।10 से 25 जनवरी के बीच आठवीं, नौवीं व 11वीं के पहले टर्म की परीक्षा निर्धारित थी









