एक करोड़ का इनामी नक्सली फूटी कौड़ी को मोहताज!

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जिस असीम मंडल उर्फ राकेश उर्फ आकाश उर्फ तड़ित पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम रखा है, उसके गांव में उसके नाम की एक फूटी कौड़ी भी नहीं है। उसके सात भाइयों में से तीन की मौत हो गई है, जबकि तीन जिंदा हैं। जो जीवित हैं वे गांव में ही रहते हैं और उनकी जो पैतृक संपत्ति है, उसका तीनों भाइयों ने मिलकर बंटवारा कर लिया है।

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यह जानकारी पुलिस ने अदालत में पेश अपनी रिपोर्ट में दी है। पटमदा इलाके में हुए एक नक्सली हमले के केस में पुलिस द्वारा दायर असीम मंडल के बारे में रिपोर्ट में बताया गया कि वह 35 वर्षों से अपने गांव नहीं गया है।

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पुलिस ने अदालत में पेश किए साक्ष्य में बताया कि अनुसंधान के सिलसिले में असीम मंडल के उत्तर फूलचक थाना चंद्रकोना जिला मेदनीपुर पश्चिम बंगाल स्थित आवास पर जाकर वारंट तामील किया गया। इसमें अवर निरीक्षक मुकेश कुमार यादव 9 दिसंबर 2021 को असीम मंडल के स्थायी पते पर गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से छापेमारी की थी, जहां असीम मंडल फरार पाया गया।

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स्थानीय ग्रामीण रामकृष्ण मंडल और असीत मंडल जो उग्रवादी अभियुक्त के भाई हैं, के द्वारा यह बताया गया कि उग्रवादी अभियुक्त असीम मंडल 35 वर्षों से अपने घर पर नहीं आया है। वह अविवाहित रहते घर से भागा था। चंद्रकोना थाना की सिविक पुलिस सौम्या ज्योति चौधरी ने भी इसकी पुष्टि की कि वह यहां लम्बे समय से नहीं आया।

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पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि नक्सली असीम मंडल सात भाई है। इसमें भोला नाथ मंडल, विश्वनाथ मंडल, अरुण मंडल की मृत्यु हो गई है, जबकि असीत मंडल, अशोक मंडल और रामकृष्ण मंडल जीवित हैं। अभी तीन भाई जीवित हैं और गांव में ही सपरिवार रहते हैं। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि असीम मंडल के नाम पर पैतृक संपत्ति कुछ भी नहीं है। उनकी जो पैतृक जमीन है, उसे तीनों भाइयों ने आपस में बांट लिया और उसे अपने नाम कर लिया है।

 

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Author: samachardoot

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