आजादी के बाद से यहां न बिजली आई, न ही गांव में स्कूल बने, आज भी नाव से नदी पार…….पढ़िये पूरी खबर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

डेस्क न्यूज। दिल्ली-हरियाणा की सीमा पर स्थित जेवर विधानसभा क्षेत्र (Jewar Assembly Seat) का दलेलपुर गांव (Dalelpur Village) वर्षों से उपेक्षित है। प्रदेश की सबसे छोटी ग्राम पंचायत के मतदाता आज भी नाव से यमुना को पार करके गौतमबुद्ध नगर, दिल्ली और हरियाणा आते-जाते हैं। ग्रामीणों कहना है कि वे गांव में बिजली, स्कूल, अस्पताल और यमुना पर पुल बनाने का आश्वासन देने वाले प्रत्याशी को वोट करेंगे। ‘

https://samachardoot.in/2022/02/04/a-school-like-this-too-cows-and-buffaloes-are-seen-in-place-of-children-saris-are-spread-on-the-walls-of-the-school-read-full-news/

ग्राम प्रधान कैलाश सिंह चपराना ने कहा कि उनके गांव में आज तक बिजली नहीं आई है। इस बार भी गांव में कोई प्रत्याशी वोट मांगने नहीं आया। बस उनके समर्थक आते हैं। गांव का विकास कराने वाले को ही वह वोट देंगे।

https://samachardoot.in/2022/02/04/woman-made-porn-video-of-facebook-friend-while-chatting-then-blackmailing-game-started/

ग्रामीण ओमप्रकाश का कहना था कि उनका गांव हरियाणा-दिल्ली की सीमा पर है। हरियाणा प्रशासन ने भी किसानों को बिजली के कनेक्शन नहीं दिए हैं। बिजली नहीं होने से खेती महंगी हो गई है। ग्रामीण घनश्याम सिंह ने कहा कि गांव में प्राइमरी स्कूल और अस्पताल तक नहीं हैं। गांव के लोगों को इलाज के लिए हरियाणा और दिल्ली जाना पड़ता है।

https://samachardoot.in/2022/02/04/mother-found-hanging-with-two-children-the-womans-husband-had-gone-to-work-in-the-field-when-she-returned-home-the-family-was-over-read-full-news/

किसान महेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि ने गांव में कोई विकास कार्य नहीं कराया है। गांव में आवागमन के लिए भी कोई सड़क नहीं बनी। नीरज त्यागी ने कहा कि गांव के युवक हरियाणा, दिल्ली के कॉलेजों में पढ़ने जाते हैं। वहां आने जाने में ज्यादा समय लगता है। इस कारण उच्च शिक्षा से गांव के युवक वंचित रह जाते हैं।

https://samachardoot.in/2022/02/04/breaking-news-miscreants-looted-property-worth-20-lakhs-including-cash-from-jewelery-shop-took-guard-hostage-broke-cctv/

ग्रामीण संतराम का कहना था कि गांव के लोग नाव में बैठकर वोट डालने जाते हैं। नाव की व्यवस्था भी गांव वालों ने अपने चंदे से की है। उनके गांव में ही मतदान केंद्र होना चाहिए।

https://samachardoot.in/2022/02/04/in-the-blindness-of-love-the-mother-of-seven-children-including-her-husband-left-her-responsibilities-and-absconded-with-aashiq-read-full-news/

दलबीर सिंह और बबली त्यागी की शिकायत थी कि आज तक यमुना नदी को पार करने के लिए पंटून पुल नहीं बनवाया गया है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। गांव के लोगों को गौतमबुद्ध नगर के सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और स्कूलों में आने जाने में पूरा दिन लग जाता है। कई बार जान जोखिम में डालकर यमुना पार करते हैं। कई ग्रामीणों की यमुना पार करते समय मौत हो चुकी है।

samachardoot
Author: samachardoot

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें