इंडोनेशिया में एक मगरमच्छ के गले में पिछले करीब पांच साल से बाइक का एक टायर फंसा हुआ था जो अब जाकर निकल पाया है। इस टायर की कहानी इतनी चौंकाने वाली है कि इसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा। इसके लिए सरकार ने ईनाम तक रखा था लेकिन स्थानीय अधिकारी इसमें सफल नहीं हो पाए थे। इसके बाद वहां का एक बहादुर युवक ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि मगरमच्छ की जान भी बच गई और टायर भी निकल गया।
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दरअसल, यह घटना इंडोनेशिया के सेंट्रल सुलावेसी प्रांत की है। द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक 13 फीट (करीब चार मीटर) लंबे इस मगरमच्छ के गले में यह टायर 2016 से फंसा हुआ था। किसी ने इसका शिकार करने के लिए यह टायर इसके गले में फंसा दिया था। इसी बीच ठीक उसी समय पहली बार उसे पालू नदी में सबसे पहले टायर के साथ देखा गया था। ऐसा भी हो सकता है कि टायर कुछ और पहले फंसा हो।
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जब इसे टायर के साथ छटपटाते देखा गया तो पालू शहर के निवासियों ने इसकी जानकारी वन्यजीव संरक्षण अधिकारियों को दी थी। इसके बाद अधिकारी साल 2016 से ही मगरमच्छ के गले से टायर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं सरकार यह भी ऐलान कर दिया था कि जो भी इस टायर को निकालेगा, उसे ईनाम दिया जाएगा। वहां के स्थानीय अधिकारी तभी से ही इस कोशिश में थे कि मगरमच्छ खारे पानी से बाहर आए और टायर निकाला जाए।
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इसी बीच सेंट्रल सुलावेसी प्रांत में ही रहने वाले टिली नाम के शख्स ने प्लान बनाया और कुछ लोगों को इकठ्ठा किया और बताया कि वह मगरमच्छ के गले से टायर निकाल देगा। टिली ने मगरमच्छ को बाहर निकालने के लिए तीन सप्ताह का रेस्क्यू चलाया और आखिरकार वह तीसरी बार में सफल हो गया। टिली ने मगरमच्छ के चारे के रूप में चिकन का इस्तेमाल किया और उसे जाल में फंसाया।
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इसके बाद उसे मजबूत रस्सियों से पकड़कर उसका मुंह बांध दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उसकी भरपूर मदद की। जब उसे बांध लिया गया तो गर्दन के चारों तरफ से टायर को काटा गया। इस प्रकार टिली की हिम्मत और बहादुरी की वजह से कई वर्षों से गर्दन में फंसे टायर से मगरमच्छ आजाद हो गया है। इसके बाद मगरमच्छ को नदी में जाने दिया गया।








