रिमोट सेसिंग तकनीक और सेटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से अवैध खनन और पराली जलाने पर नजर रखी जाएगी। तारामंडल के ऊपरी तल्ले पर स्थित बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर को अपग्रेड कर यहां 11 हाई एंड वर्क स्टेशन बनाया जा रहा है, जहां अद्यतन उपकरणों के माध्यम से सेटेलाइट का सहारा लेकर हर समय जरूरी जिओ इन्फॉर्मेशन जुटायी जा सकेगी।
https://samachardoot.in/2022/03/07/the-street-dog-barked-at-the-family-was-thrashed-by-a-police-constable-accused-arrested/
यहां कुशल वैज्ञानिकों की टीम शोध कर केंद्र राज्य सरकार के कई विभागों और अन्य संस्थानों को उनकी जरूरत के अनुसार आंकड़े उपलब्ध करायेगी। इस केंद्र द्वारा संबंधित विभाग यह जान सकेगा कि किन इलाकों में अवैध खनन किया जा रहा है। ताप और उष्णता के आकलन के जरिये पराली जलाने वाले इलाकों पर भी नजर रखी जाएगी।
https://samachardoot.in/2022/03/07/german-girl-who-reached-india-alone-to-marry-her-lover-took-seven-rounds-of-marriage-according-to-hindu-customs-read-their-love-story/
राज्य में हरित क्षेत्रों की स्थिति, नदियों, कूपों और जलाशयों की स्थिति और परिवहन के लिये इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े जिओ इंफॉरमेटिक आंकड़े आसानी से जुटाये जा सकेंगे। इसे एक डेटाबेस कम ट्रेनिंग सेंटर के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।
https://samachardoot.in/2022/03/07/family-wall-came-between-love-lover-filled-vermilion-in-demand-of-girlfriend-and-then-took-this-step/
सरकार के कई विभागों को अभी से ही अद्यतन आंकड़ों से अपडेट किया जा रहा है। सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग की पहल पर इसे अगले तीन महीनों में बनाकर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
https://samachardoot.in/2022/03/07/liked-to-live-like-boys-since-childhood-there-was-a-storm-in-life-on-the-discussion-of-marriage-then-rudraksh-became-doll-through-operation/
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सूबे में पहली बार इस स्तर पर जिओ इंफॉरमेटिक्स आंकड़ों पर शोध और अनुसंधान की दिशा में किसी केंद्र को विकसित किया जा रहा है। इसे अद्यतन बनाने के लिये सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की खरीद की जानी है, जिसके लिये विभाग की ओर से क्रय आदेश जारी कर दिया गया है। यह केंद्र कृषि विभाग, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग, जल संसाधन विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, पर्यावरण एवं वन विभाग को डेटा भी उपलब्ध करायेगा।
https://samachardoot.in/2022/03/08/now-the-fourth-wave-of-corona-will-not-come-in-india-expert-told-why-will-get-big-relief/
आपदा और कृषि से जुड़ी जानकारियां भी एकत्रित की जा सकेंगी। नये उपकरणों से लैस होने के बाद इस केंद्र के माध्यम से अवैध खनन माफियाओं पर कार्रवाई और पराली जलानेवाले इलाकों को सेटेलाइट के जरिये सर्विलांस पर रखा जा सकेगा।
इस केंद्र में 11 हाई एंड वर्क स्टेशन बनेंगे जहां वैज्ञानिकों की टीम उपग्रह प्रौद्योगिकी से जुड़े अनुसंधान करेगी। इन जिओ इंफॉर्मेशन का उपयोग छात्रों को ट्रेनिंग देने के लिये भी किया जाएगा। इसके लिये तारामंडल के उपरी तल्ले पर ही खाली पड़ी जगह को ट्रेनिंग सेंटर के रूप में तब्दील करने की तैयारी है। इस जगह का उपयोग 35 वर्क स्टेशन बनाने के लिये किया जाएगा, जहां एंट्रेंस टेस्ट के जरिये रिमोट सेंसर ट्रेनिंग सेंटर में दाखिला लिया जा सकेगा। एक बैच में 35 छात्रों को ट्रेनिंग भी दी जा सकेगी।








