बीजापुर जिले के तर्रेम क्षेत्र में शुक्रवार को माओवादियों द्वारा लगाए IED बम की चपेट में आने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक जवान घायल हो गया है। कोबरा की 210 बटालियन व सीएएफ की संयुक्त पार्टी शुक्रवार को कैंप से पेगड़ापल्ली की ओर एरिया डॉमिनेशन पर रवाना हुई थी।
जवानों की टीम कैंप से 5 किमी की दूर पर पहुंची थी कि नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बम की चपेट में एक जवान आ गया। बीजापुर एएसपी पंकज शुक्ला ने बताया कि तर्रेम में तैनात कोबरा 210 का एक जवान आईईडी की चपेट में आया है, जवान का पैर बुरी तरह जख्मी हो गया है। जवान का नाम निरंजन कुमार पासवान है। उसे तर्रेम लाकर प्राथमिक उपचार दिया गया और बेहतर उपचार के लिए रायपुर रवाना किया जा रहा है।
माओवादियों का टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन (टीसीओसी) का समय सबसे खतरनाक माना जाता रहा है। इस समय माओवादी अक्सर जवानों पर बड़ा हमला करते हैं। इस टीसीओसी में माओवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे पाये। सरकार माओवादियों को बैकफुट पर बता रही है। वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो माओवादी सीधे अटैक करने से ज्यादा जवानों को ट्रैप में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि केवल बीजापुर में ही एक महीने में यह चौथी घटना हो चुकी है, जिसमें जवानों के रास्ते पर माओवादियों द्वारा आईईडी बम लगाकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
जंगलों में सर्चिंग पर निकलने वाले जवानों को एंबुश लगाकर माओवादी बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। एंबुश में माओवादियों और जवानों के बीच होने वाले मुठभेड़ में माओवादियों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में अब माओवादियों द्वारा जवानों से सीधे मुठभेड़ करने से ज्यादा उन्हें आईईडी बम, प्रेशर बम और स्पाइक होल जैसे ट्रैप से नुकसान पहुंचाने की कोशिशें ज्यादा की जा रही हैं। इस तरह के ट्रैप में माओवादियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता और अधिकतर घटनाओं में वे जवानों को नुकसान पहुंचाने में कामयाब हो जाते हैं। सर्चिंग के दौरान जवानों को सतर्कता बरतने हिदायत दी जाती है।







