बेमेतरा। बेमेतरा जिले में एक बेरहम बाप ने अपने ही ढाई के बेटे की निर्मम हत्या कर दी बल्कि साक्ष्य छिपाते हुए बीमारी से मौत हो जाने की बात कहते हुए अपने अन्य साथियों के साथ शव का अंतिम संस्कार तक कर डाला। आरोपी के दो सहयोगियों ने खुद को बचाने इस घटना की जानकारी गांव के अन्य व्यक्ति को दी तब जाकर इस हत्या कांड का मामला खुल सका। पुलिस ने इस मामले में तीनो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बेमेतरा जिले के बहेरघाट निवासी उत्तरा कुमार चैहान ने गत 26 जून को सूचना दी कि गांव के डोम सिंह निषाद ने अपने ही ढाई साल के बेटे शोभनाथ की हत्या कर दी है। आरोपी डोम सिंह 24 जून की दोपहर तकरीबन करीब 2.30 बजे अपने बच्चे शोभनाथ को लेकर कन्हार खार में थुकेल साहू के खेत में लेकर गया गया और वहां सबसे पहले बच्चे को जमीन पर पटक दिया और फिर पैर से गला दबाकर बच्चे को मौत के घाट उतार दिया।
गांव का ही चोवाराम बच्चे का शव लेकर घर पहुंचा और गांव के अन्य ग्रामीणों को बीमारी से बच्चे की मौत होने की जानकारी दी। यह जानकारी भी चोवाराम और रमेशर निषाद ने उत्तरा कुमार को दी थी। पुलिस के द्वारा इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि 24 जून को बच्चे की मौत बीमारी से हुई थी जिसके बाद शमशान घाट में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ढाई साल के बच्चे का दाह संस्कार करने के चलते पुलिस का शक और मजबूत हो गया। पुलिस ने इस मामले में डोम सिंह निषाद से पूछताछ शुरू की तो पहले वह पुलिस को छकाता रहा फिर थक हारकर हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी को संदेह था कि यह बच्चा उसका नही नही है इसलिये उसने इस वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस ने गांव के दो अन्य ग्रामीण चोवाराम निषाद व रमेश निषाद से भी पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि डोम सिंह के द्वारा बच्चे की हत्या करने और फिर एक साथ बच्चे के शव का अंतिम संस्कार करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि इस हत्या की घटना को छुपाने के लिये उनके द्वारा बीमारी से बच्चे की मौत हो जाने की अफवाह गांव में फैलाई और किसी को पता न चल सके इसलिये बच्चे के शव का जला दिया गया। बहरहाल पुलिस अब तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से रिमांड पर उन्हें जेल भेज दिया गया है।









