पिथौरा। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार पोला तीज पर्व आज भादो अमावस्या आज के दिन मनाया जाता है मान्यता है कि पोला के त्यौहार में बैलों की विशेष पूजा अर्चना की जाती है साथ ही कृषि कार्यों को विराम दिया जाता है । पिथौरा में पोला त्यौहार की काफी धूम है बच्चे काफी उत्साहित हैं मिट्टी के बैलों से बच्चे खेलते नज़र आये साथ ही मिट्टी के नन्दी बैल व मिट्टी के जांता पोला मिट्टी के बने बर्तन को आज के दीन विषेश पुजा की जाती है घर मे बने छत्तीसगढी पकवान ठेठरी, खुरमी, गुड से बने चिला , बडा , का आज मिट्टी के बने बैल ,व मिट्टी के बर्तन मे प्रसाद के रूप मे चढाया जाता है |
गांव मे इस पर्व को मनाने के लिए कृषी कार्य सहित सभी काम आज बंद रखते है और शाम होते ही भोजली का विसर्जन करके गेड़ी तोड़कर यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। बाजार मे त्यौहार की खरीदारी के लिए काफी भीड़ बाजार में नज़र आई है ।
जनपद पंचायत अध्यक्ष शारदा साहू ने बताया कि आज किसान अपने खेतों में काम नहीं करेंगे, बल्कि बैलों को स्नान करवाकर उनका श्रृंगार करेंगे । छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भगवान को भोग लगाकर बैलों को खिलाएंगे । बच्चों के मन में बैलों के प्रति सम्मान की भावना जागृत हो, इसलिए जिनके घरों में बैल नहीं हैं, वे मिट्टी के बैलों की पूजा करेंगे ।
शारदा साहू ने बताया कि तीजा पोला का इंतजार महिलाओ बेसब्री से रहती है | वो इस दिन अपने अपने मायके जाती है | अपने सहलियो से मुलकात करती है और पुराने दिनों को याद करती है | इस दिन महिलाए छत्तीसगढ़ी पकवान भी बनाते है | ठेठरी, चौसेला, खुरमी जैसे दर्जनों पकवान बनाते है | बच्चे मिट्टी के बैल दौड़ाते हैं और बच्चियां रसोई में उपयोग में आने वाले मिट्टी के बर्तनों से भोजन बनाने का खेल खेलकर मनोरंजन करतीं हैं ।









