रायगढ़। स्थानीय और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिये छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा इस साल से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत घरघोड़ा ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुडुमकेला में 15 से 20 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया गया है। आज जनपद सदस्य बसंती साव के द्वारा इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई।
खेलकूद शारीरिक विकास के साथ साथ मनोरंजन का भी साधन है। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा पारंपरिक खेलकूद को बढ़ावा देने की है। जिसके तहत पूरे प्रदेश में इस साल से छत्तीसगढिया ओलपिंग का आगाज किया गया है। इस छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में दलीय और एकल श्रेणी में कुल 14 तरह के पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है।
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एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा 100 मीटर दौड़, लंबी कूद को जगह मिली है। शहरी और ग्रामीण स्तर पर होने वाली खेल प्रतियोगिता का छत्तीसगढ़वासियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक छत्तीसगढ़ी ओलंपिक खेलों के प्रतिभागी भारी संख्या में इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं। इसी के तहत आज से घरघोड़ा ब्लाक के अंतर्गत आने वाले कुडुमकेला में भी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत जनपद सदस्य बसंती साव के द्वारा किया गया।
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यहां छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 15 से 20 अक्टूबर तक आयोजित होना है और इस आयोजन में शामिल होनें कुडुमकेला, पुरी, पुसल्दा, कोसमघाट, बरौद, फगुरम, कुर्मीभौना व पतरापाली से शताधिक संख्या में बच्चे, युवा, महिलाएं व पुरूष छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में शामिल हो रहे हैं।









