… तो क्या खत्म हो जाएगी दुनिया? खगोलविदों ने साक्षात यमराज को पृथ्वी की ओर बढ़ते देखा!

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Desk News: ऐसा पहले भी कई बार सुना जा चुका है कि दुनिया खत्म होने वाली है लेकिन इस बार खगोलविदों ने इसके बारे में गहन अध्ययन करते हुए एक शोध किया जिसमें एक ग्रह को पृथ्वी की ओर बढ़ते हुए देखा गया.

World End: खगोलविदों ने पहली बार एक ऐसे ग्रह का पता लगाया है जो ढलते सूरज के साथ प्रलयकारी टक्कर की ओर बढ़ रहा है. ये संभावित रूप से दिखा रहा है कि एक दिन पृथ्वी कैसे खत्म हो सकती है. सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन में यूएस बेस्ड शोधकर्ताओं की एक टीम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एक्सोप्लैनेट केप्लर-1658 बी इस बात पर रोशनी डालने में मदद कर सकता है कि जब उसके सितारे पुराने हो जाते हैं तो दुनिया कैसे खत्म हो सकती है.

 

इस शोधकर्ताओं की टीम में ज्यादातर अमेरिका के शोधकर्ता थे. इन लोगों का कहना है कि केप्लर-1658 बी, पृथ्वी से 2600 प्रकाश वर्ष दूर है और इसे गर्म बृहस्पति ग्रह के नाम से भी जाना जाता है. ये ग्रह आकार में बृहस्पति ग्रह के समान ही है और ये अपने होस्ट स्टार का चक्कर सूर्य और बुध के बीच की दूरी के आठवें हिस्से में करता है. जिसकी वजह से ये हमारे सौर मंडल में गैस के विशालकाय ग्रह की तुलना में अधिक गर्म हो जाता है. द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, अपने मेजबान तारे के चारों ओर केप्लर -1658 बी की कक्षा में तीन दिन से भी कम समय लगता है और यह लगभग 131 मिलीसेकंड कम हो रहा है.

 

क्या कहना है खगोलविदों का?
हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के एक पोस्टडॉक और अध्ययन के प्रमुख लेखक श्रेयस विसाप्रगदा ने कहा, “अगर यह प्रेक्षित दर से अपने तारे की ओर बढ़ता रहता है, तो ये ग्रह तीन मिलियन से भी कम वर्षों में अपने तारे से टकराएगा. उन्होंने एफपी को बताया कि यह पहली बार है जब हमने किसी ग्रह के अपने विकसित तारे की ओर बढ़ने का प्रत्यक्ष प्रमाण देखा है. ये विकसित तारा सूक्ष्म तारकीय चरण में प्रवेश कर चुका है और जब इसका विस्तार होता है तो ये और चमकीला हो जाता है.

 

…तो क्या पृथ्वी भी किसी कयामत की ओर बढ़ रही?
सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स ने एक बयान में कहा कि डेथ-बाय-स्टार एक भविष्य की सोच है जिसका दुनिया को इंतजार है. अब से अरबों सालों बाद हम पृथ्वी को आखिरी बार देख सकेंगे क्योंकि हमारा सूरज दिन ब दिन बूढ़ा होता जा रहा है. विसाप्रगदा ने कहा कि पांच अरब साल या उससे भी ज्यादा समय में, सूर्य एक विशाल लाल सितारा बन जाएगा.

 

जबकि केपलर -1658 बी पर देखी जाने वाली तेज-तर्रार प्रक्रियाएं पृथ्वी की कक्षा को सूर्य की ओर क्षय करने के लिए प्रेरित करेंगी. उन्होंने इसमें अपनी बात जोड़ते हुए कहा कि पृथ्वी की अंतिम नियति कुछ स्पष्ट नहीं है लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि ये ग्रह अनुमान से कही ज्यादा गर्म है.

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Author: samachardoot

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