Cyber Crime in Madhya Pradesh: बृजेंद्र ऋषीश्वर, भोपाल। अब तक साइबर ठगी की राशि झारखंड या हरियाणा के मेवात क्षेत्रों सहित अन्य जगहों के खातों में ट्रांसफर कर दूरस्थ इलाकों में निकाली जाती थी, लेकिन अब बड़ी राशि की आनलाइन ठगी में चौकाने वाला तरीका सामने आ रहा है। अब ठगी जाने वाली राशि दूसरे खाते में जाने के साथ ही क्रिप्टो करंसी में बदल जाती है, जो लंबे समय तक क्रिप्टो भी नहीं रहती।
इसे डालर में बदल कर चीन के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है। दरअसल, पूरा खेल एंड्रायड सपोर्टिंग एक एप्लीकेशन (एप) से हो रहा है, जिस पर बैंकिंग सेक्टर की निगरानी कम है। साइबर पुलिस ने भोपाल में 35 लाख रुपये की ठगी के मामले में जांच शुरू की तो पता चला कि रकम खाते से जाते ही क्रिप्टो करंसी और फिर डालर में कंवर्ट होकर चीन के खाते में जमा हो गई है।
सेल्स मैनेजर के साथ 34 लाख की ठगी
झांसा देकर तीन लाख रुपये प्रोसेसिंग के नाम पर मांगे
उनसे मोबाइल नंबर, खाता नंबर, एटीएम, ईमेल जैसी जानकारी ली गई। उन्हें काम दिया गया और उसके पूरा होने के पहले ही उनके खाते में दो लाख रुपये डाल दिए गए। लेकिन, रुपये निकलने से पहले ही उन्हें और काम देने का झांसा देकर तीन लाख रुपये प्रोसेसिंग के नाम पर मांगे गए। इसके बाद उन्हें एक एप डाउनलोड कराकर उनके खाते से करीब 34 लाख रुपये निकाल लिए। बाद में उन्होंने जब दो लाख रुपये निकालने की कोशिश की तो पता चला कि उनका खाता हैक हो चुका था। उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत की।
एप में राशि कंवर्ट करने का विकल्प
क्या है क्रिप्टो और रुपया कैसे होता है कंवर्ट








