Bilaspur News: सैकड़ों साल पुराने पीपल के पेड़ को बचाने सीएम से लगाई गुहार

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बिलासपुर। अरपा नदी के किनारे स्थित सैकड़ों साल पुराने पीपल के पेड़ को बचाने के लिए लोग सामने आने लगे हैं। इसे अपने बचपन का साथी आश्रय दाता बताते हुए अपनी भावनाएं जुड़ी होने की बात कही है। मुख्यमंत्री को ट्विटर के माध्यम से जन भावनाओं से अवगत कराने का प्रयास किया गया है।

 

 

 

अरपा रिवरफ्रंट सौंदर्यीकरण के अंतर्गत नगर निगम ने इस पेड़ को काटने का निर्णय लिया है। इसके खिलाफ टीम मानवता और पर्यावरण संरक्षण के हिमायती लोग मिलकर अभियान चला रहे हैं। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद रोज शाम को हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। धरना देने की प्लानिंग भी है। सामने गुजरने वाले लोगों से हस्ताक्षर अभियान में शामिल होने की अपील की जा रही है। अब लोग बड़ी संख्या में पेड़ को बचाने के लिए सामने आ रहे हैं। नारेबाजी हो रही है।
नागरिक संस्कार श्रीवास्तव ने इसका वीडियो और फोटो मुख्यमंत्री को ट्विटर पर शेयर करते हुए बताया कि बचपन से इस पेड़ को देख रहे हैं। यह पेड़ बचपन से राहगीरों को छाया देते हुए माता पिता की तरह अपना आशीर्वाद देते हुए अनुभव करा रहा है। हम इसकी छांव तले खेले बड़े हुए।
अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस को सुरक्षित रखें। ननिबि को चाहिए कि इस पेड़ को संरक्षित करते हुए योजना को अंतिम रूप दिया जाए। यह शहर की धरोहर है। टीम मानवता और लोगों ने चिपको मूवमेंट की घोषणा की भी है। यदि जन भावनाओं को दरकिनार करते हुए कुल्हाड़ी चलाई जाती है तो विरोध के स्वरूप प्रशासन को लोगों का सामना करना होगा।
रोज हस्ताक्षर अभियान में 400 से 500 लोग हस्ताक्षर कर रहे हैं। लोगों को भय है कि जन भावनाओं से छल कपट करते हुए रात के समय इस पेड़ को काटा जा सकता है। इसलिए बेहद सजग चौकन्ना रहने की जरूरत है।
लिंक रोड का अभिशाप

 

 

जिला प्रशासन नगर निगम में पढ़े-लिखे ऊंचे पदों पर बैठने वाले अधिकारी पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से पेड़ों को बचाने का महत्व क्यों नहीं समझते। यह पब्लिक को समझ में नहीं आ रहा है। कुछ साल पहले लिंक रोड की हरियाली को उजाड़ दिया गया था। अरपा नदी को मिलकर बर्बाद कर चुके हैं। उसके बाद से बिलासपुर में बारिश की कमी हो गई बहुत से लोग इसे प्रकृति का अभिशाप बता रहे हैं।
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Author: samachardoot

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