रायगढ़:-जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने कांग्रेस महामंत्री दीपक मंडल द्वारा सांसद राधेश्याम राठिया पर लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन और राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस 70 साल में आदिवासियों को मुख्यमंत्री तक नहीं दे पाई, वो आज जल-जंगल-जमीन की बात किस आधार पर कर रही है। देश की जनता यह समझ चुकी है कि भोले भाले आदिवासियों को नेतृत्व देने का काम भाजपा ने किया हैं। मंडल जी आदिवासियों के हितों को लेकर कांग्रेस सदा मौनी बाबा बनी रही। जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा,दीपक मंडल जी सांसद राठिया पर मौन का आरोप लगा रहे हैं, पर सच्चाई ये है कि कांग्रेस के 5 साल में बस्तर-सिल्गेर में आदिवासियों पर गोलियां चलीं तब राहुल-प्रियंका कहां थे? आज विष्णुदेव साय सरकार में हर प्रभावित गांव में संवाद हो रहा है।सांसद राठिया खुद जमीन पर उतर कर लोगो से संवाद कर रहे हैं। सिदार ने कांग्रेस से पूछा PESA और ग्राम सभा की ताकत किसने दी? मंडल जी PESA की बात कर रहे हैं. उन्हें याद दिला दें — PESA कानून 1996 में बना, पर कांग्रेस ने 20 साल तक नियम नहीं बनाए. भाजपा की साय सरकार ने शपथ लेते ही 1 महीने में PESA नियम लागू कर ग्राम सभाओं को असली ताकत दी. आज ग्राम सभा की सहमति के बिना एक पेड़ नहीं कट सकता । जल-जंगल-जमीन की रक्षा इसी तरह से की जा सकती हैं। कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए दीपक सिदार ने कहा कांग्रेस राज में बगैर ग्राम सभा की अनुमति के एक ओ यू साइन होते थे। जमीनें छीनी जाती थीं. आज DMF की 60% राशि सीधे आदिवासी क्षेत्रों में खर्च हो रही है। कांग्रेस के सत्ता रहते केवल ‘उद्योगपतियों का विकास कर आदिवासियों को गरीब रखा। आदिवासियों को दिए गए प्रतिनिधित्व के संबंध में दीपक सिदार ने कहा कांग्रेस का सम्मान सिर्फ नारे बाजी तक सीमित रहा जबकि भाजपा ने छत्तीसगढ़ का पहला आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, बिरसा मुंडा के नाम 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया । नारे और न्याय का यही फर्क है। आजादी के बाद सात दशकों तक कांग्रेस ने आदिवासियों के साथ क्या न्याय किया यह आम जनता को बताना चाहिए। तेंदूपत्ता से लेकर वनाधिकार तक हिसाब बताते हुए दीपक सिदार ने कहा कांग्रेस सरकार तेंदूपत्ता ₹2500 में खरीदती थी, भाजपा ₹5500 दे रही है — देश में सर्वाधिक. 15 लाख से ज्यादा वनाधिकार पट्टे भाजपा राज में बांटे गए. PM जनमन से 24,000 करोड़ सिर्फ अति-पिछड़ी जनजातियों के लिए. सिकलसेल मिशन, एकलव्य स्कूल, वन धन केंद्र — ये जमीन पर काम है, कागजों पर नहीं। मंडल जी, आदिवासी समाज अब जागरूक है. आपके ‘जल-जंगल-जमीन’ के नारे के पीछे की नीयत वो समझता है।दीवान ने कहा कांग्रेस ने आदिवासी को वोट बैंक समझा, भाजपा ने परिवार माना. इसलिए आज आदिवासी कांग्रेस को नकार कर भाजपा के साथ है। उन्होंने चुनौती दी, अगर हिम्मत है तो बताएं — बस्तर में गोलीकांड पर, सरगुजा में जमीन घोटाले पर कांग्रेस क्यों मौन थी? भाजपा जवाबदेही से काम करती है, आपकी तरह आरोप-राजनीति नहीं।










