Digital India के नाम पर SBI/PNB जैसे बड़े नेशनल बैंकों ने लूट मचा रखी है। यह ख़बर इस बात के कई राज खोल रही है कि इस वक़्त बैंक अपने ग्राहकों से तरह-तरह के शुल्क लेकर कैसे करोड़ों-अरबों रुपये कमां रहें हैं। आम जनता से अब अपने ही खाते में अपना ही पैसा निकालने या फिर जमा करने के एवज में SBI व PNB जैसे बड़े सरकारी बैंक अब निजी बैंकों की तरह ही मोटा शुल्क वसूल रहें है। सरकारी बैंक तो अब अपनी कैश डिपॉजिट मशीनों के माध्यम से बैंक खाते में कैश जमा करने के बदले में ग्राहकों से पैसे तो ऐंठता ही है इसके इलावा अगर ग्राहकों के खाते में ATM से निकाली जा रही राशि से कम पैसे है तो SBI जैसा बड़ा बैंक भी अपने ग्राहक से प्रति transaction लगभग 25 से 30 रुपये का decline शुल्क भी वसूलता है और अगर खुद के ही एटीएम में पैसे उपलब्ध न हो तो ऐसे में बैंक ग्राहक को कोई compensate नहीं देता है। जबकि ग्राहकों द्वारा डिजिटल माध्यम से लेन-देन करने पर उल्टा बैंक को ही फायदा होता है क्योंकि इससे जहां एक तरफ बैंक की स्टेशनरी बचती हैं वहीं दूसरी तरफ संबंधित बैंक कर्मचारी का समय भी बचता है जिससे बैंक का workload भी काफी हद तक कम हो जाता है।
इस ख़बर को पढ़ कर आपको खुद लगेगा कि “कितना अच्छा विकास हो रहा है…”









