MP Higher Education News: भोपाल ( नवदुनिया प्रतिनिधि )। प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों ने विनियामक आयोग से कोर्स शुरू कर उन्हें संचालित करने की मंजूरी नहीं ली थी, जबकि आयोग ने उन्हें वर्तमान सत्र 2021-22 से मंजूरी देकर कोर्स शुरू करा दिए हैं। ऐसे में उक्त पांच सत्रों में प्रवेश लेकर डिग्री करने वाले विद्यार्थियों को इससे नुकसान होगा। यदि कॉलेज अब भी निरीक्षण नहीं कराते हैं तो इन कोर्सों में एडमिशन लेने वाले छात्रों की डिग्री अवैध मानी जाएगी। कुछ दिन पहले आयोग के सचिव ने प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर कहा था कि शासन की अनुमति के बाद कोर्स संचालन के पहले आयोग द्वारा निरीक्षण होना जरूरी है। इसमें प्रोफेसर, पुस्तकें, लाइब्रेरी, लैब, फर्नीचर और कक्षाओं के निरीक्षण में कमी होने पर उनकी पूर्ति कराई जाएगी। इसके बाद विवि से संबद्ध कॉलेज कोर्स संचालित कर सकते हैं। सचिव ने विश्वविद्यालयों को 2016 के बाद के कोर्स का निरीक्षण कराकर आयोग से अनुमति प्राप्त नहीं की है, तो वे निर्धारित फार्मेट में आवेदन कर निरीक्षण करा लें। ऐसा नहीं करने पर उनके कोर्स अवैधानिक माने जाएंगे। प्रदेश में 37 निजी विश्वविद्यालय हैं। अभी तक करीब पांच विश्वविद्यालयों ने आयोग से कोर्स का निरीक्षण नहीं कराया है।
वर्जन
तीन नए विवि में संचालित कोर्सों का निरीक्षण होना था। उसे पूरा कर लिया गया। सभी विश्वविद्यालयों ने निर्धारित मापदंडों को पूरा कर लिया है।








