इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, One Stop Center Indore। वन स्टाप सेंटर पर पिछले पांच माह में करीब 800 महिलाओं ने शिकायत की है। इनमें से लगभग 60 प्रकरणों में परिवार को समझाइश देने से आपसी समझौता हुआ है। इसके अलावा 181 हेल्पलाइन नंबर पर अब तक 450 महिलाओं की शिकायत संबंधित काल भी पहुंचे हैं।
23 अगस्त को अंजली पति दिनेश (परिवर्तित नाम) ने शिकायत थी कि उसका पति बहुत मारपीट करता है, प्रताड़ित करता है, शक करता है। इतना ही वह जबरदस्ती संबंध बनाता है। महिला की गुहार थी कि पति को समझाया जाए, परामर्श के लिए बुलाया जाए। वन स्टाप सेंटर की प्रशासक वंचना सिंह परिहार के मुताबिक सेंटर पर जब वह शिकायत करने पहुंची तो रोने लगी। उसने कहा कि पति आज मुझे मायके लेने आएगा और घर जाकर मारेग। मुझे उसके साथ जाना चाहती हूं और उसके साथ सुख से रहना चाहती हूं लेकिन मुझसे अब और प्रताड़ना सहन नही होगी। आप मेरा घर भी और मुझे भी बचा लो। इस मामले में प्रशासक वंचना सिंह परिहार ने महिला के पति दिनेश को परामर्श के लिए वन स्टाप सेंटर पर बुलाया। उसे उसके व्यवहार के लिए फटकार लगाई गई। पत्नी के नाते और एक महिला होने के नाते उसे अंजली के कानूनी अधिकारों से अवगत करवाया गया। उसे बताया गया कि घरेलू हिंसा और जबरदस्ती संबंध बनाना अपराध की श्रेणी में आता है।
परामर्शदात्री ने उसे डांटते हुए कहा कि उसके दुर्व्यवहार और नशे की लत के कारण दोनों बच्चों को जन्म से ही शारीरिक विकृति हो गई है जिसके लिए वह जिम्मेदार है। कम से कम अब उस गलती का प्रायश्चित करे और बच्चों पर ध्यान दे। किसी भी परिस्थिति में पत्नी को मारना या शारीरिक प्रताड़ना या जबरदस्ती न करे अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी। दिनेश की भी समस्या को सुना गया और अंजली जो पति को मां के घर पर रहने को बाध्य कर रही थी, उसे पति के साथ उसके घर पर रहने के लिए समझाइश दी गई। दिनेश की मां की देखभाल के लिए अंजली सहर्ष तैयार हो गई। ऐसे में दिनेश को आठ दिन का समय दिया गया कि मां को अपने साथ ही रखे। वन स्टाप सेंटर में कुछ शर्तों के साथ त्वरित लिखित समझौता कर दोनों साथ रवाना हुए। अंजली को आश्वासन दिया गया कि आने वाले कुछ दिनों तक तुमसे फोन पर तुम्हारी खुशहाली पूछी जाएगी ताकि पति भी हाथ न उठाए और अगर कोई समस्या हो तो त्वरित कार्यवाही की जा सके। इस तरह कुछ ही घंटों में पेचीदा मामले का समाधान निकल गया।









