कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सरकारें प्रयास कर रही हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के दिलो-दिमाग में भरे भ्रम को अभी तक दूर नहीं किया जा सका है। बैतूल जिले में एक महिला कोरोना वैक्सीन लगवाने से बचने के लिए टीम को शंकर भगवान के मंदिर ले गई। वहां उसने मूर्ति पर हाथ रखकर कहा कि मेरा मालिक मुझे मना कर रहा है और वह मंदिर के बाहर टीम के सामने जमीन पर लोटकर उनसे टीका नहीं लगाने की गुहार करती रही। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है।
भगवान शिव के सिर पर हाथ रख कहा, टीका मत लगाइए
यह घटनाक्रम सोमवार को प्रदेश के वैक्सीनेशन महाभियान के दौरान बैतूल जिले की आठनेर जनपद की अंबाड़ा पंचायत के ग्राम नत्थू ढाना में हुआ। यहां एक परिवार के चार लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाए जाने के लिए चिन्हित किया था। टीम वहां पहुंची तो इस परिवार की एक महिला उन्हें अपने साथ एक मंदिर ले गई। वहां उसने भगवान शंकर की प्रतिमा के सिर पर हाथ रखकर टीका नहीं लगाने को कहा।
खूब जमकर हुई नौटंकी
जब इसके बाद भी टीम के सदस्यों ने टीका लगाने की बात कही तो वैक्सीन लगवाने से बचने के लिए वह मंदिर के बाहर लोटने लगी। साथ ही टीम से ऐसा जताने लगी, जैसे उसके अंदर किसी आत्मा ने प्रवेश कर लिया है। यह देखकर वहां मौजूद लोग भी भौंचक्के रह। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें महिला के साथ मंदिर जाती टीम व महिला की नौटंकी दिखाई दे रही है।
भ्रम है कि पति टीके से बीमार हुआ
महिला ने वैक्सीनेशन टीम को कहा कि मुझे टीका लगवाने में कोई दिक्कत नहीं, पूरी दुनिया ले रही है। मुझे भी कोई घाटा नहीं था। परंतु मेरा मालिक मुझे टीका लगवाने से मना कर रहा है। मेरे पति को टीका लगा था तो वह बीमार हो गया। इस घटना पर वैक्सीनेशन के नोडल ऑफिसर दिनेश कोसले ने मीडिया से कहा कि महिला के परिवार के चार सदस्यों को टीका नहीं लगा था तो वहां टीम समझाने के लिए गई थी।









