छत्तीसगढ़ में जल्द ही गाय के गोबर से बिजली का निर्माण शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेमेतारा जिले में दो अक्टूबर के दिन गांधी जयंती पर आयोजित किसान सम्मेलन में इसका उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
जगमगा उठेंगे सभी गांव
राज्य के जनसूचना विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के गांव और गाय के गोबर से बनी बिजली से जगमाएंगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इंडस्ट्रियल पार्क ‘गौथंस’ में लगी मशीनें इस विधि से बिजली पैदा करेंगी। इस अधिकारी ने गाय के गोबर से बिजली उत्पादन की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि एक यूनिट गाय के गोबर से 85 क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन होगा। इस तरह एक क्यूबिक मीटर गाय के गोबर से 1.8 किलोवॉट बिजली प्रतिघंटा पैदा होगी। इस तरह एक यूनिट में 153 किलोवॉट बिजली प्रति घंटा पैदा होगी। इस तरह तीन गौथनों में लगे यूनिट्स से करीब 460 किलोवॉट यूनिट बिजली प्रति घंटा पैदा होगी।
गांववालों को पैसे देकर जुटाया गया है गोबर
गौरतलब है कि सुराज गांव योजना के तहत राज्य सरकार ने प्रदेश में 10,112 गौथनों के निर्माण की अनुमति दी है। इसके जरिए गांव के लोगों को सहारा देने की योजना है। इनमें से 6,112 गौथनों का निर्माण हो चुका है। अधिकारी ने बताया कि अभी तक 51 लाख क्विंटल गाय का गोबर जुटाया जा चुका है। इसके लिए ग्रामीणों को दो रुपए प्रतिकिलों के हिसाब से 102 करोड़ रुपए का भुगतान भी हो चुका है। साथ ही 12 लख क्विंटल वर्मी कंपोस्ट और सुपर कंपोस्ट भी बनाई गई है।









