झारखंड के जमशेदपुर में गरीबी महंगाई से हार गयी। लेकिन एक पुलिस वाले ने मानवता की मिशाल पेश करते हुए गरीबी की ईज्जत बचा ली।
मानवीय संवेदना को झकझोड़ने वाली यह घटना एक महिला के दाह-संस्कार का है। बिष्टूपुर स्थित पार्वती श्मशान घाट पर शनिवार को परसूडीह के एक महिला की मौत के बाद शव लेकर उसके परिजन श्मशान घाट पहुंचे। यहां काउंटर पर जाकर उनलोगों ने पूछा कि कितने रुपये शव के दाह संस्कार में लगेंगे।
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शव छोड़कर परिजन फरार
काउंटर से जो राशि तय है वह बताई गई। उनके पास इतने रुपये नहीं थे, लिहाजा काउंटर पर बिना कुछ कहे ही शव को श्मशान घाट के अंदर रखकर चले गए। रात तक जब सभी शवों का दाह संस्कार हो गया और एक शव बचा था तो उसके रिश्तेदारो की तलाश शुरू की गई।
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एएसआई ने क्या कहा
जब उसका कोई रिश्तेदार नहीं मिला तो इसकी सूचना जुगसलाई पुलिस को दी गई। जुगसलाई थाना से एएसआई गोपाल पांडेय पहुंचे। उन्होंने बर्निंग घाट कमेटी से बात की और कहा कि यदि कमेटी शव का दाह संस्कार नहीं करेगी तो वे स्वयं दाह संस्कार करायेंगे और जो खर्च होगा उसे अपनी जेब से देंगे।









