यहां की धरती को कहा जाता है नागलोक, जहां जहरीले सांपों की अलग ही बस्ती है……पढ़िये पूरी खबर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जशपुर. धर्म पर आधारित टीवी सीरियल , फिल्मों और पौराणिक कथाओं में तो नागलोक के बार में आपने कई बार देखा, सुना और पढ़ा होगा. लेकिन क्या आपको पता है कि धरती पर सच में नागलोक है, वो भी भारत के ही छत्तीसगढ़ में. जी हां छत्तीसगढ़ में एक ऐसा जिला है, जिसे धरती का नागलोक कहा जाता है. क्योंकि यहां सापों की बस्ती है. अलग-अलग प्रकार के कई जहरीले सांप यहां पाए जाते हैं. मानव प्रजाति का आए दिन सांपों से सामना होता है. कई बार आमने सामने की भिड़ंत में जाने भी जाती हैं.

दरअसल छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में राज्य में अन्य जिलों की तुलना में सबसे ज्यादा सांप पाए जाते हैं. सर्पदंश से मौत के आंकड़ों में भी जशपुर प्रदेश में सबसे ज्याद हैं. जिले में विभिन्न प्रजाति के सांपों के बड़ी संख्या में पाए जाने के कारण ही इसे धरती का नागलोग कहा जाता है. यही कारण है जशपुर में कई साल से स्नके पार्क बनाने की मांग की जा रही है, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है.

https://samachardoot.in/2021/10/03/husband-raped-for-many-years-on-the-pretext-of-marriage-then-wife-threatened-to-kill-case-filed-against-both/

सांपों के मामले में जानकार जशपुर निवासी कैसर हुसैन ने बताया कि जिले में कुल 26 प्रकार के सांपों की प्रजाति पाई जाती है. इनमें से सिर्फ छह प्रजाति ही जहरीली है, बाकी 20 प्रकार की सांपों की प्रजातियों में जहर नहीं होता. जशपुर में बारिश और गर्मी के मौसम में सांपों का खासा असर होता है. इस मौसम में सांप बिलों से बाहर आ जाते हैं. जिले में सांपों की अधिकता होने की वजह से सर्पदंश से मौत के मामले भी ज्यादा हैं. इस सीजन में सांपों का रेस्क्यू भी काफी बड़ी संख्या में किया जाता है. जिले में दस से अधिक स्नेक कैचर की टीमें हैं.

https://samachardoot.in/2021/10/03/live-in-partner-raped-woman-friendship-happened-while-traveling-in-metro/

 

जानकार कहते हैं कि सर्पदंश से सबसे ज्यादा मौतें जमीन पर सोने और खुले में सोने की वजह से होती है. सर्पदंश से मौत के आंकड़े कम करने के लिए प्रशासन और एनजीओ मिलकर प्रयास कर रहे हैं. इसके लिए गांव गांव में जाकर जमीन पर ना सोने और मच्छरदानी लगाकर सोने की अपील की जाती है. जशपुर में पिछड़े कई सालों से तपकरा में स्नैक पार्क बनाने की मांग लंबित है, लेकिन आज तक ये योजना अधर में है. स्नैक पार्क बनने के बाद एंटी स्नैक वेनम बनाने और लोगों को सर्पदंश से मौत के मामलों में जनजागरुकता अभियान चलाने में मदद मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है. लेकिन योजना अधर में होने से परेशानी है.

samachardoot
Author: samachardoot

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें