अब बिना गार्ड के भी रवाना हो सकेगी मालगाड़ी, जानिए किसकी होगी जिम्मेदारी

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गोरखपुर से वाराणसी, नरकटियागंज और लखनऊ की तरफ जाने वाली मालगाड़ियां अब गार्ड की उपलब्धता न होने पर भी रवाना हो सकेंगी। गार्ड के उपलब्ध न होने पर असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी) को जिम्मेदारी देकर मालगाड़ी रवाना की जाएगी। हालांकि ऐसा सिर्फ किसी आपात स्थिति में या फिर गार्डों कमी होने पर ही किया जाएगा।

 

इस सम्बंध में पूर्वोत्तर रेलवे के परिचालन विभाग की तरफ से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। गार्ड के उपलब्ध न होने पर मालगाड़ी आगे की तरफ रवाना किए जाने की व्यवस्था बना दी गई है। बिना गार्ड के जाने वाली मालगाड़ियों की जिम्मेदारी सहायक लोको पायलट पर होगी। किसी भी तरह की दिक्क्त होने पर एएलपी गार्ड की भूमिका निभाएंगे। दरअसल, गार्डों की कमी के चलते ऐसी व्यवस्था दी गई है। अक्सर ऐसा हुआ है मालगाड़ियां गार्डों के इंतजार के में डेढ़ से दो घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही हैं।

 

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गार्ड के लिए बेवजह खड़ी हो जाती है मालगाड़ी
वाराणसी मंडल में गार्डों की कमी के चलते अक्सर वाराणसी और नरकटियागंज की तरफ जाने वाली मालगाड़ियों को समय पर गार्ड नहीं मिल पाते हैं। कई बार ऐसा हुआ है कि मालगाड़ी स्टेशन पर पहुंचने के बाद खड़ी हो जाती है। गार्ड के उपलब्ध होने के बाद ही मालगाड़ी रवाना हो जाती है। नई व्यवस्था से यह दिक्कत पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

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आगे चलकर इंजन से नजर
भविष्य में एक डिवाइस लगाने की भी बात चल रही है जिसके माध्यम मालगाड़ी ड्यूटी लोको पायलट हर वैगन पर नजर रख सकेंगे। लाइन पर दौड़ती मालगाड़ी का कंप्रेसर कम होने पर लोको पायलट को तत्काल डिवाइस द्वारा सूचना मिल जाएगी। क्योंकि इंजन के केबिन और मालगाड़ी के अंतिम छोर पर गार्ड एसएलआर डिवाइस से जुड़ा होगा। इससे कपलिंग खुलने समेत अन्य जानकारी इंजन में लोको पायलट को मिल जाएगी। सिस्टम को इस आधार पर बनाया गया है कि ट्रेन चलने के दौरान पहियों के तापमान में बढ़ोतरी या अन्य किसी खराबी को भांपकर ईओटी सिस्टम इंजन में लगी स्क्रीन पर चालक को संकेत देने के बाद खुद-ब-खुद इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक देगा। इस सिस्टम के संकेत को देखकर ही पायलट ट्रेनों का संचालन भी कर सकेगा।

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बोले अफसर
गार्डों की कमी होने पर बिना गार्ड के भी मालगाड़ी चलाने का दिशा-निर्देश है। यह व्यवस्था सिर्फ मालगाड़ी में है और घने कोहरे में यह निर्देश प्रभावी नहीं होगा।अनिल कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे

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Author: samachardoot

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