रायगढ़। मणिपुर में माओवादी हमले में शहीद कर्नल विप्लव और उनकी पत्नी अनुजा तथा पांच वर्षीय बेटे अबीर की शहादत के बाद जब उनके पार्थिव शरीर रायगढ़ पहुंचे तब हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने वीर शहीद को अंतिम विदाई देकर फूलों की वर्षा करते हुए अपनी श्रद्वांजलि अर्पित की।
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छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा एवं खेल मंत्री उमेश पटेल ने इस शहादत पर अपने मन की बात कहते हुए अपनी वो श्रद्वांजलि अर्पित की जिसे लोग शब्दों के साथ साथ हकीकत में हमेशा याद रखेंगे। चूंकि छत्तीसगढ़ के मंत्री व खरसिया विधायक उमेश पटेल ने झीरम घाटी के नक्सली हमले में अपने पिता नंदकुमार पटेल व बड़े भाई दिनेश पटेल पटेल को खोया था। उन्हें कल यह मंजर देखकर वही शहादत याद आ गई।
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समाचारदूत को जब उनसे बात की तो उमेश पटेल ने कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है, जिले का सपूत आज हमारे बीच नही है। हम लोग आज अंतिम विदाई देने आए हैं, और ये सारे लोग कोई अपने सखा को कोई अपने भाई को तो कोई अपने बेटे को सभी अपनी एक अलग भावना है।
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बातचीत के दौरान उमेश पटेल का यह भी कहना था कि हमारे दिल को तभी ठंडक मिलेगी जब जो लोग इस तरह का काम किये है उनके साथ भी इस तरह सलूक होना चाहिए। जब किसी की शहादत होती है तो उसकी पीड़ा क्या होती है मै इसे अच्छी तरह से समझ सकता हूं। त्रिपाठी परिवार से मेरा पारिवारिक संबंध है, जिससे मै इस घटना से और अधिक दुखी हूं।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा निर्देश के बाद मंत्री उमेश पटेल मुक्तिधाम तक इस अंतिम विदाई में साथ रहे और राजकीय सम्मान के दौरान अपनी भावभीनी श्रद्वांजलि अर्पित करते हुए वीर शहीद कर्नल विप्लव और उनकी पत्नी अनुजा के साथ साथ पांच साल के अबीर को नम आंखों से विदाई दी।









