लॉकडाउन?…6 जिलों में कोरोना संक्रमण खतरे के निशान तक, सरकार लेगी जल्द बड़ा फैसला

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कोरोना के संक्रमण की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। बीते एक सप्ताह में संक्रमण का प्रसार लगभग पूरे राज्य में हो चुका है। चिंता की बात यह है कि सूबे में संक्रमण दर में गुणात्मक वृद्धि हो रही है। हाल यह है कि रांची समेत राज्य के छह जिलों में संक्रमण की दर या तो खतरनाक स्तर के करीब है या उस लाइन को पार कर चुकी हैं। बोकारो ऐसा जिला है जहां संक्रमण दर 10 फीसदी के पार पहुंच गई है। यहां य दर 10.86 प्रतिशत पाई गयी।

https://samachardoot.in/2022/01/02/85-students-corona-positive-together-in-navodaya-vidyalaya-isolated-in-school/

रांची की संक्रमण दर 4.91, हजारीबाग 5.01, कोडरमा 5.74 व रामगढ़ की संक्रमण दर 5.00 प्रतिशत पाई गयी है। इसके अलावा लोहरदगा में 3.08, खूंटी में 2.53,धनबाद 1.74, देवघर 1.72, पूर्वी सिंहभूम 1.43, जामताड़ा 1.04 व पश्चिमी सिंहभूम में 1.09 प्रतिशत संक्रमण मिल है। जबकि, जिलों में 1 प्रतिशत से कम एवं तीन जिलों में 00 पॉजिटिविटी मिली है।

https://samachardoot.in/2022/01/02/the-gift-of-three-new-trains-can-be-found-for-these-cities-know-when-it-will-run/

राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में फिर से ऑफलाइन पढ़ाई बंद होगी। बच्चों को ऑनलाइन क्लास और डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। कोरोना के तेजी से बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार जनवरी के पहले सप्ताह में इस पर निर्णय लेगी। वर्तमान में छठी से 12वीं तक के स्कूल बच्चों के लिए खुले हुए हैं।

https://samachardoot.in/2022/01/02/kovid-19-rules-were-flouted-fiercely-on-the-new-year-the-government-collected-a-fine-of-99-lakhs-66-fis-registered/

जो छात्र-छात्रा स्कूल आकर ऑफलाइन पढ़ाई करना चाहते हैं वे करते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से कोरोना के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए स्कूलों को छात्र-छात्राओं के लिए बंद किया जाएगा।

https://samachardoot.in/2022/01/02/celebration-of-new-year-and-last-selfie-of-life-this-is-the-incident/

सरकार मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा को देखते हुए 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को स्कूल बुला सकती है और छठी, सातवीं, आठवीं, नौंवी और 11वीं के छात्र-छात्राओं के लिए ऑफलाइन पढ़ाई बंद की जा सकती है। कोरोना के मामले बढ़ने पर या फिर एहतियातन 10वीं और 12वीं की ऑफलाइन पढ़ाई भी स्थगित की जा सकेगी।

https://samachardoot.in/2022/01/02/corona-havoc-schools-will-be-closed-in-the-state-this-is-how-studies-will-be-done-and-results-will-be-made-read-full-news/

एक सप्ताह में राज्य भर में फैला संक्रमण
बीते एक सप्ताह में ही संक्रमण का प्रसार राज्य के लगभग सभी जिलों तक हो चुका है। 25 दिसंबर से पहले हर दिन राज्य में 6 से 7 जिलों में संक्रमित मिलते थे, जबकि शुक्रवार को राज्य के 21 जिलों में मरीज मिले हैं। जिन जिलों में मरीज की पुष्टि नहीं हुई है, वहां या तो जांच ही काफी कम हुई है, या जांच में ट्रूनैट व आरटीपीसीआर जांच की संख्या नगण्य है।

https://samachardoot.in/2022/01/02/police-strictness-on-liquor-parties-on-new-year-14-arrested-in-raids-night-spent-in-lockup-of-dozens-of-rioters/

कई जिलों में केवल रैट के सहारे जांच
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव लगातार आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने की हिदायत दे रहे हैं। लगातार कहा जा रहा है कि कोरोना नियंत्रण के लिए मरीजों की जल्द पहचान जरूरी है। बावजूद इसके कई जिलों में मरीजों की पहचान केवल रैट (रैपिड एंटीजेन टेस्ट) के भरोसे है। यही वजह है कि इन जिलों में आज भी मरीजों की त्वरित समुचित पहचान नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को ही चतरा में जहां ट्रूनैट से 3 वहीं आरटीपीसीआर से 00 जांच की गयी। वहीं, गढ़वा में ट्रूनैट व आरटीपीसीआर से एक भी जांच नहीं हुई। वहीं ट्रूनैट से लोहरदगा में 16, पाकुड़ में 00, रामगढ़ में 53 व सरायकेला में 48 सैंपल जांचे गए। जबकि, लोहरदगा, रामगढ़ और सरायकेला में एक भी सैंपल टेस्ट आरटीपीसीआर से नहीं हुआ।

https://samachardoot.in/2022/01/02/father-did-not-give-money-for-the-birthday-party-then-hanged-himself-in-the-fan-and-gave-his-life-read-full-news/

रैट में नगण्य पॉजिटिविटी
राज्य में शुक्रवार को 34450 सैंपल की जांच हुई जिसमें 753 पॉजिटिव मिले हैं। इसमें रैट से 15180 जिसमें महज 73, ट्रूनैट से 2168, जिसमें 158 एवं आरटीपीसीआर से 17102 सैंपल जांचे गए, जिसमें 522 पॉजिटिव मिले हैं। यानी रैट में जहां महज 0.48 प्रतिशत पॉजिटिविटी मिली है, वहीं आरटीपीसीआर में 3.05 प्रतिशत एवं ट्रूनैट में 7.28 प्रतिशत पॉजिटिविटी मिली है।

https://samachardoot.in/2022/01/02/now-there-will-be-no-electricity-and-no-line-loss-the-government-is-taking-these-steps-for-better-supply/

कई जिलों में 500 से भी कम जांच
केंद्र और राज्य द्वारा लगातार हिदायत के बाद भी राज्य में जांच की रफ्तार नहीं बढ़ रही है। शुक्रवार को महज 34450 जांच हुई। इसमें 8 जिलों में तो 500 से भी कम सैंपल जांचे गए। चतरा में 384, गढ़वा में 346, जामताड़ा में 478, लोहरदगा 324, पाकुड़ 436, रामगढ़ 340 व सरायकेला में महज 436 सैंपलों की जांच हुई।

samachardoot
Author: samachardoot

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें