जांजगीर-चांपा।।जिले के अटल बिहारी ताप विद्युत गृह मड़वा तेंदूभांठा के भूविस्थापित संविदा कर्मियों ने आज पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं वहीं पुलिस और प्रशासन की गाडियो में भी तोड़-फोड़ की गई है प्रदर्शनकारियों ने एक स्कूल बस में भी आग लगा दी है। मौके पर भारी आक्रोश का माहौल है पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके से भागना पड़ा है। हमला और तोड़फोड़ करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं।
मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 06 दिसंबर से अटल बिहारी ताप विद्युत गृह मड़वा तेंदूभांठा के संविदा कर्मी नियमितिकरण सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर चरण बद्ध आंदोलन कर रहे हैं मगर उनकी मांगों को अनसुना किया जाता रहा है। इधर 01 जनवरी संविदा कर्मी और क्षेत्र के भूविस्थातिप परिवार की महिलाएं प्लांट का गेट बंद कर मुख्य द्वार के सामने ही प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन का आज 28 वां दिन था और सुबह से ही समझौता वार्ता को लेकर गहमा गहमी का महौल प्लाट के बाहर और अंदर था। आज जिले के कलेक्टर, एसपी प्लांट अधिकारियों के अलावा प्रशासन के तमाम लोग अंदर मौजूद थे मगर बात नही बनी जिसके बाद शाम 05 बजे विडियो कांफ्रसिंग की बात तय हुई जिसमें रायपुर स्तर के अधिकारी शामिल होते और हल निकाला जाता बैठक अंदर जारी थी मगर इसी बीच बाहर विवाद बढ़ गया पुलिस ने सख्ती दिखाई तो भारी तादात में मौजूद भूविस्थापित और महिलाएं उन पर टुट पड़े क्योंकि प्रदर्शनकारी आज सुबह से ही डंडो से लैस थे इस लिए महौल बिगड़ने में वक्त नही लगा और भीड़ पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ गई। कई पुलिसकर्मियों को घेर कर पीटा गया महिला पुलिसकर्मियो को भी नही छोड़ा गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आसू गैस के गोले भी छोड़े हैं।
अटल बिहारी पावर प्लांट के भू-विस्थापित संघ द्वारा भूविस्थिापत संविदा बिजली कर्मचारियों को नियमित करने, कोरोना ग्रसित होने के कारण कार्य में अनुपस्थित रहने के दौरान उनका वेतन कटौती की राशि का पूरा भुगतान करने और 5 लाख रुपए अनुदान देने, कार्य के दौरान मृत संविदा कर्मचारी के घर से एक व्यक्ति को नौकरी देने और उसके परिजन को 15 लाख रुपए सहायता राशि सहायता राशि देने सहित अन्य मांगों को लेकर 6 दिसंबर से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि तेंदूभाठा मड़वा पावर प्लांट जिसे अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के नाम से जाना जाता है यहां पर क्षेत्र के 16 गांव के लगभग साढ़े 400 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है इन्हीं भू विस्थापितों ने सपने नियमितीकरण के लिए आंदोलन का रुख अख्तियार किया है क्योंकि इन भुविस्थापितों को सीधे प्लांट में नौकरी ना देकर अलग-अलग जिलों में संविदा लाइन परिचारकों के पद पर नियुक्त किया गया है।
इससे पहले इन आंदोलनकांरियों के द्वारार प्लांट घेराव, कलेक्ट्रेट घेराव का प्रयास, रेल रेल रोकन का प्रयास किया जा चुका है आज इन आंदोलनकारियों का प्रदर्शन अटलबिहारी ताप विद्युत गृह के मुख्य गेंट पर जारी है जिसमें बड़ी तादात में महिला भी शामिल हैं। इस मामले मंे अब तक प्रबंधन के द्वारा किसी भी तरह का पुख्ता आश्वासन नही दिया गया जबकि चर्चा कई दौर की हो चुकी है।








