आपके पास अगर कोई कॉल आए कि आपके बच्चे को ऑनलाइन क्लास देंगे तो सावधान हो जाइए। ये साइबर ठग भी हो सकते हैं, जो एक दिन की डेमो क्लास देकर आपसे एडवांस पैसा हड़प सकते हैं।
कई अभिभावकों के पास ऐसी कॉल आई हैं। कुछ ने तो पैसे भी दे दिए। साइबर ठगों ने ऑनलाइन क्लास के नाम पर धोखाधड़ी का नया तरीका अपनाया है।
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वे अनजान नंबरों से लोगों को कॉल कर रहे हैं। उनसे पूछा जा रहा है कि बच्चे किस क्लास में पढ़ते हैं। जानकारी देने पर वे ऑनलाइन क्लास देने की बात कहते हैं। इसके बाद कुछ देर डेमो क्लास दी जाती है। इसके बाद तीन से सात हजार रुपये तक एडवांस लिए जाते हैं, जिसने पैसे भरे, वे ठगी के शिकार हो जाते हैं। कई अभिभावकों के पास ऐसी कॉल आ चुकी हैं। कुछ ने पैसे भी ठगों के खातों में डाल दिए।
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साइबर ठग सरकारी स्कूलों के अभिभावकों को ज्यादा आसानी से शिकार बना रहे हैं। ऐसे लोगों के बच्चों की ऑनलाइन क्लास भी काफी कम हो रही है। ऐसे में वो जल्दी झांसे में आ रहे हैं।
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केस 1: रायपुर के चूना भट्ठा निवासी एक अभिभावक से उत्तराखंड बोर्ड के निजी स्कूल में पढ़ने वाले दो बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए तीन हजार रुपये ठग गए।
केस 2: सहस्रधारा रोड निवासी एक अभिभावक के दसवीं में पढ़ने वाले बच्चे को एक घंटे डेमो क्लास दी। इसके बाद 7 हजार रुपये बतौर फीस मांगी गई। लेकिन, अभिभावक ने नहीं दी।
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ऐसे रहें सावधान
कोई कॉल आए तो एडवांस पैसे न दें।
अपने बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्कूल से ही संपर्क करें।
अगर कोई भी ऑनलाइन क्लास दे रहा हो तो एक माह बाद ही फीस देने की बात करें।
इस तरह की कुछ शिकायतें आई हैं। हमने अभिभावकों को सतर्क किया
है कि किसी के झांसे में ना आएं। यह ठगी का तरीका है। स्कूल का सिलेबस स्कूल को ही पता होता है। वहां से पढ़ाई होगी या किसी अपने जानकार से ऑनलाइन क्लास करवा सकते हैं।
मनमोहन जायसवाल, मंत्री उत्तराखंड अभिभावक संघ








