इन दिनों ने बालू की दरों में आये एकाएक भारी उछाल की वजह से घर बनाने से लेकर सिविल कार्य करने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। एक महीने के भीतर बालू की दरों में 1500 से लेकर 2000 प्रति सीएफटी का उछाल आया है। बालू व्यवसाय से जुड़ें लोगों ने बताया कि एक महीने पूर्व तक जहां ट्रक के जरिये 55 सौ प्रति सीएफटी बालू मिल रहा था। वहीं फिलहाल 75 सौ रुपये प्रति सीएफटी बालू मिल रहा है। पहले जहां ट्रैक्टर लोडेड बालू छह हजार से 65 सौ रूपये में मिल रहा था, वहीं अब आठ हजार से अधिक में मिल रहा है।
नदी से बालू निकालने पर राज्य सरकार के द्वारा इन दिनों प्रतिबंध लगाने की वजह से बालू की दरों में दिन प्रतिदिन उछाल देखने को मिल रहा है। बरसात पूर्व जिन बालू व्यवसायियों ने बालू का स्ट्रॉक कर रखा है, वे बालू की किल्लत बताकर इन दिनों पहले से काफी मंहगें दरों पर बालू बेच रहे हैं। बीहट में गृह निर्माण सामग्री का डिपो चलाने वाले कारोबारियों ने बताया कि बालू की दरों की स्थिति आजकल ऐसी है कि जो लोग सुबह या एक दिन पूर्व जिस दर पर बालू खरीदते हैं, कुछे घंटों के बाद ही बालू बढ़ें हुए दर पर खरीद पा रहे हैं।
बेगूसराय जिले के सिमरियाघाट से लेकर जीरोमाइल तक बालू व्यवसाय से सैकड़ों लोग जुड़े हुए हैं। प्रतिदिन बालू की दरों में उछाल की वजह से गृह निर्माण कार्य कर रहे लोंगों की जेब लगातार ढीली हो रही है। छोटे बालू कारोबारियों ने बताया कि विभिन्न नदियों के किनारें बालू माफियाओं ने भारी संख्या में बालू का स्टॉक कर रखा है, लेकिन इन दिनों वैसे कारोबारी बालू की कृत्रिम किल्लत पैदा कर चांदी काटने में लगे हुए हैं।
बालू कारोबारियों ने बताया कि पिछले दस दिनों से जब से सरकार ने नदियों से बालू की निकासी पर प्रतिबंध लगाया है, बालू की दरों में काफी उछाल देखने को मिल रहा है। डिपो संचालकों तथा बालू कारोबार से जुड़े लोगों ने बताया कि सरकार को बालू का भंडारण करने वालों पर कड़ी नियंत्रण रखना चाहिए और बालू की दर को भी तय करना चाहिए ताकि लोगों को परेशानी नहीं हो।








