डेस्क न्यूज। एक शख्स ने अपनी मां की हत्या करने के बाद 77 पेज का सुसाइड नोट लिखकर खुदकुशी कर ली। हत्याकर वह तीन दिन शव के साथ ही रहा। बाद में बेटे ने आत्महत्या कर ली।
पुलिस को अब तक की तफ्तीश में पता चला है कि बेटे ने संभवत गुरुवार को मां की हत्या की, जबकि रविवार को खुदकुशी की। मामले का खुलासा तब हुआ, जब उसकी मां की एक जानकार ने रविवार को फोन किया। बेटे ने फोन उठाया और कहा कि उसकी मां तीन दिन पहले मर चुकी है, जबकि वह भी थोड़ी देर में मर जाएगा। इसके बाद कॉलर ने पुलिस को फोन कर सूचित किया।
सुसाइड नोट में बेटे ने लिखा कि उसने मां की हत्या बाइक लॉक करने के लिए बांधने वाले चेन से गला घोंटकर की। इसके बाद उसने कटर से उसका गला रेत दिया था। उसने नोट में मां की हत्या करने के तरीके और खुदकुशी करने के कारण के बारे में लिखा। एक तरफ तो मां से प्यार करने की बात लिखता है, वहीं दूसरी तरफ खुद को एक नाकाम शख्स मानता है। नोट देखकर आशंका जताई जा रही है कि शख्स मानसिक रूप से तनाव में था। पुलिस महिला के जानकारों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ऐसी कौन सी बात थी, जिसे लेकर वह इतना परेशान हो गया कि उसने यह कदम उठाया।
बेटे ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह इलेक्ट्रिक कटर का इस्तेमाल खुदकुशी के लिए करने जा रहा है। खुदकुशी करने वाले युवक की शिनाख्त सोनू के रूप में हुई है। मां का नाम मिथलेश है। दोनों मां बेटे रोहिणी सेक्टर-24 के पॉकेट 18 स्थित तीन मंजिला मकान में रहते थे। रविवार रात पुलिस को घटना के बारे में जानकारी मिली।
मां की हत्या के बाद सोनू शव के साथ तीन दिन रहा था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसने सुसाइड नोट में अपनी मां की गुरुवार को हत्या करने की बात लिखी है। पुलिस को सोनू का शव कमरे से मिला। उसने धारदार हथियार से अपना गला काटा था। पास ही हथियार और सुसाइड नोट पड़ा था। बाथरूम से बदबू आ रही थी। वहां पहुंचने पर पुलिस को सोनू की मां का शव मिला। सोनू के पिता सरकारी नौकरी करते थे। करीब छह-सात साल पहले उनकी मौत हो गई थी। मां को मिलने वाली पेंशन से मां-बेटे का गुजारा होता था।









