दीपक डोरा भोपाल में हुए सम्मानित, कई राज्यों में हो रही देवकी रामधारी फाउण्डेशन की चर्चा, देवदूत बनकर नया जीवन देने का कार्य कर रही संस्था

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रायगढ़. देवकी रामधानी फाउण्डेशन लगातार अपने समाजसेवा कार्यो के चलते राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो रहा है। इस संस्था को पहले ओडिसा, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश सहित देश के कई राज्यों में सम्मानित होनें के बाद मध्यप्रदेश के भोपाल में भी सम्मानित हुआ है। इस संस्था के प्रमुख दीपक डोरा को भोपाल में आयोजित नेशनल एंटी हरासमेंट फाउण्डेशन के बैनर तले सम्मानित किया गया।

 

नेशनल एंटी हरासमेंट फाउण्डेशन बीते कई सालों से भारत की कई शानदार शख्ससियत को सम्मानित कर चुका है और इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से देवकी रामधारी फाउण्डेशन द्वारा देह दान, नेत्र दान जैसे कार्यो में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर सम्मानित किया गया है। ये पहला अवसर था जब सम्मानित करने वालों में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल तेजपाल सिंह रावत के हाथों देवकी रामधारी फाउण्डेशन के चेयरमेन दीपक डोरा को प्रसस्ति पत्र, शिल्ड तथा शाल श्रीफल सम्मानित किया गया। रायगढ़ में संचालित इस संस्था की उपलब्धी को लेकर छत्तीसगढ़ ही नही बल्कि देश की कई समाजसेवी संस्थाआंे ने दीपक डोरा का बधाई प्रेषित की है।

प्रारंभ से ही संस्था कर रही है नेक कार्य
2016 में बनी देवकी रामधारी फाउण्डेशन शुरूआत से ही देह दान के कार्यो में लगी है। इस संस्था के चेयरमेन दीपक डोरा ने अपनी मां श्रीमती देवकी तथा पिता रामधारी अग्रवाल के नाम से इस संस्था की शुरूआत की थी और देश में अलग तरह के समाजसेवा का बीडा उठाया था। यह संस्था मरणोपरांत देह दान के जरिये समाजसेवा का ऐसा नेक कार्य करती है जो देश में बहुत ही कम समाजसेवी संस्था इस प्रकार का कार्य करती है। दीपक अग्रवाल (डोरा) अपनी पत्नी श्रीमती लता अग्रवाल के साथ मिलकर देह दान के कार्यो में दिन व रात जुटे रहते हैं। देह दान के जरिये इस संस्था ने कई लोगों को नया जीवन देने के लिये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए समाजसेवा का नया आयाम स्थापित किया है।

हजारों नेत्रदान व 23 नेत्र दान के बाद लगातार कार्य में हो रहे अग्रसर
देवकी रामधारी फाउण्डेशन के चेयरमेन दीपक अग्रवाल डोरा 2016 से फाउण्डेशन की आधारशीला रखने के बाद से ही अब तक अपने परिवार व साथियों की मदद से पांच हजार नेत्र दान, के संकल्प पत्र भरवा चुके हैं और 70 नेत्र दान सफलता पूर्वक करवा चुके हैं। बिलासपुर के सिम्स के माध्यम से अब तक 140 से अधिक लोगों को नई रोशनी दिलवाने में सफल रहे हैं इतना ही नही 23 से अधिक लोगों ने मृत्यु के बाद दीपक अग्रवाल के आव्हान पर उनके परिवारों ने नेत्र दान देकर कई महत्वपूर्ण अंग दूसरे जरूरतमंदों को प्रदान करने के लिये एक यादगार पहल की है।

 

जारी है लोगों का जुड़ना
इस फाउण्डेशन में अन्य तीन सौ लोगों ने भी शपथ पत्र भरकर अपना देह दान देने की घोषणा की है वहीं चेयरमेन दीपक डोरा ने भी यह प्रतिज्ञा ली है कि मरणोपरांत उनके सहित परिवार के 23 लोगों द्वारा मृत्यु उपरांत नेत्र दान व नेत्रदान का संकल्प लिया है।

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Author: samachardoot

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