रायगढ़ :- सरगुजा प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने इशारों-इशारों में भूपेश सरकार के कार्यकाल के दौरान चल रहे जय वीरू के झगड़े को लेकर तंज कसा।
सत्ता पाने के बाद भी झगड़े का स्मरण कराते हुए मंत्री श्री चौधरी ने कहा — “राजनीति में गुटीय लड़ाई की वजह से जनहित के काम प्रभावित नहीं होने चाहिए। सत्ता जनता की सेवा के लिए मिलती है, कुर्सी के झगड़े के लिए नहीं।”
ओपी चौधरी ने कहा कि भूपेश सरकार के दौरान पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव प्रदेश के उप मुख्यमंत्री भी रहे और वित्त विभाग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास था। इसके बावजूद सरगुजा क्षेत्र को मेडिकल कॉलेज से वंचित रहना पड़ा। “सरगुजा में मेडिकल कॉलेज आपसी खींचतान और झगड़े की भेंट चढ़ गया। ओपी चौधरी ने शालीनता पूर्वक कहा सरकार में कद्दावर नेता, शक्ति-शाली मंत्री और विभागीय मंत्री होने के बाद भी मेडिकल कॉलेज नहीं बन पाना, क्षमता पर सवालिया निशान लगाता है। वित्त मंत्री ने कहा, “राजनीति आम जनता की सेवा के लिए मिलती है। अगर सत्ता मिलने के बाद जनता के लिए काम नहीं किया जाएगा, तो सर आंखों पर बैठाने वाली जनता सत्ता से उतारने में देर नहीं करती। सरगुजा की जनता ने 5 साल इंतजार किया, पर मेडिकल कॉलेज का सपना सपना ही रह गया। ओपी चौधरी ने बताया कि डबल इंजन सरकार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर सरगुजा मेडिकल कॉलेज के लिए बतौर वित्त मंत्री उन्होंने 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। सरगुजा के प्रभारी मंत्री के नाते उनका प्रयास है कि इस कॉलेज का निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो, ताकि क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर न जाना पड़े और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के समय ‘जय-वीरू’ के झगड़े में विकास रुका, भाजपा के समय ‘टीमवर्क’ में विकास दौड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति इसका प्रमाण है।”









